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उदासीनता:बाढ़ राहत पाने से अभी तक वंचित हैं शाहपुर प्रखंड के 12111 बाढ़ पीड़ित

शाहपुर11 दिन पहले
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  • शाहपुर प्रखंड की 20 पंचायत पिछले माह आई बाढ़ से हुई थी प्रभावित
  • 37000 परिवारों के खाते में अबतक भेजी गई है सहायता राशि

पिछले माह आयी भीषण बाढ़ से प्रभावित शाहपुर प्रखंड के 12111 लोगों का नाम इस बार बाढ़ सहायता राशि की सूची से गायब है। इस वजह से उक्त लोगों को इस बार राहत राशि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में संबंधित लोगों में भारी आक्रोश है। इस बार बाढ़ राहत राशि से वंचित बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि इससे पूर्व हर वर्ष सभी लोगों को सरकार द्वारा बाढ़ सहायता राशि दी जाती रही है।

बिशुपुर गांव निवासी मुन्ना तिवारी, त्रिलोकी तिवारी व चक्की नौरंगा गांव निवासी रिकी कुंवर समेत अन्य ने बताया कि गंगा नदी के बाढ़ से सब कुछ बर्बाद हो गया है। बाढ़ के दौरान घर-घर पानी घुसने से कई प्रकार की परेशानियां उत्पन्न हुई। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सरकार से राहत राशि मिलने की आशा बंधी थी।

लेकिन बाढ़ पीड़ितों की आशा उस समय निराशा में बदल गए जब बाढ़ राहत राशि नहीं मिली और जब वर्तमान तैयार बाढ़ सूची की जांच करायी तो सूचि से ही नाम गायब है। वर्तमान तैयार बाढ़ सूची से नाम गायब होने पर इन लोगों का कहना है कि अनुश्रवण समिति व पंचायती प्रतिनिधियों की चुनावी पैतरेबाजी में इन बाढ़ पीड़ितों का नाम हटा है या उनके आधार नंबर, बैंक अकाउंट व बैंक आईएफसी कोड में गड़बड़ी की गयी है, जो 12111 बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ सरासर नाइंसाफी है।

बाढ़ से घर में रखे खाने-पीने के समान से लेकर फसल बर्बाद होने के कारण अब क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों को आगे का समय काटना कठिन है और ऐसे समय में बाढ़ सहायता राशि से वंचित होने से संबंधित लोगों की परेशानी बढ़ गयी है।

सीओ से शिकायत करने पहुंच रहे है बाढ़ राहत से वंचित ग्रामीण
वर्ष 2019 के सूची के आधार पर तैयार वर्तमान बाढ़ सूची से 12111 प्रभावित परिवारों का नाम गायब होने व त्रुटि के कारण सहायता राहत अनुदान के लाभ से वंचित हुए लोग प्रखंड सह अंचल कार्यालय में सीओ के पास अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे है। शिकायत लेकर पहुंच रहे लोगों का कहना है कि वर्ष 2019 में तैयार बाढ़ सूची में उनका नाम था और 2019 में बाढ़ सहायता अनुदान राशि भी मिली थी।

लेकिन इस बार राहत राशि सूची से नाम ही गायब है। वही अधिकांश बाढ़ प्रभावितो का कहना है कि 2019 के बाढ़ प्रभावित सूची में नाम था और वर्तमान तैयार में आधार नंबर, बैंक एकाउंट व आईएफसी कोड के अंक लिखने में कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती से आज तक राहत राशि नहीं मिल पा रही है।

जबकि कई बार सारे कागज़ात जमा कराया गया है। वही बड़ी संख्या में ऐसे भी परिवार है जिनका नाम बाढ़ राहत सूची में नहीं जोड़ा गया है और अपना नाम सूची में जोड़वाने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहे है।

वर्ष 2019 में बाढ़ प्रभावित कई लोगों को आज तक नहीं मिल पायी राशि
शाहपुर प्रखंड में वर्ष 2019 में आई बाढ़ के दौरान बाढ़ से लोगों को बाढ़ राहत अनुदान का लाभ मिला था। जिससे प्रत्येक परिवार को 6000 हजार रूपये प्रभावित परिवारों के खाते में भेजी गई थी। वहीं उस वक्त भी सैकड़ों परिवारों का नाम राहत सूची में रहने के वावजूद राशि आज तक नहीं मिल पायी है। कुछ लोगों ने तो इसकी शिकायत लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से की थी। इसके बाद उन्हें राहत राशि मिल पाई। वही जो इसकी शिकायत नहीं की उसका पैसा आज तक नहीं मिल पाया है ।

मुआवजा से वंचित नहीं रहेगा कोई भी बाढ़ प्रभावित

  • वर्ष 2019 के सूची में 49111 बाढ़ पीड़ित परिवार का नाम दर्ज है जिनमे आधार, बैंक एकाउंट भेरिफाई के बाद 37000 पीड़ितों के खाते में 6000 हजार की प्रत्येक के खाते में राशि भेज दी गयी है। वहीं 12111 लोगों के आधार, एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड में गड़बड़ी है। जिसके कारण राहत राशि नहीं मिल पा रही है। प्रखंड में बाढ़ से प्रभावित किसी को भी मुआवजे से वंचित नहीं रखा जाएगा। -पंकज कुमार झा, अंचलाधिकारी, शाहपुर
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