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  • Candidate From Prithvipur Seat, Nitendra Has Done Diploma In Hotel Management, Raigaon's Imagination M.Sc Pass, 12th Pass Patel Will Show His Power In The Job.

जानें, MP विस उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशियों के बारे में::पृथ्वीपुर सीट से उम्मीदवार नितेंद्र ने होटल मैनेजमेंट में किया है डिप्लोमा, रैगांव की कल्पना M.Sc पास, 12वीं पास पटेल जोबट में दिखाएंगे दम

भोपाल7 महीने पहले
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने खंडवा लोकसभा सीट सहित तीनों विधानसभा सीट के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। खंडवा लोकसभा सीट के लिए पूर्व विधायक राजनारायण सिंह पुरनी, जोबट से महेश पटेल और रैगांव से कल्पना वर्मा को टिकट दिया है। हालांकि पृथ्वीपुर से पहले ही नितेंद्र सिंह का नाम फाइनल कर दिया गया था। कल्पना सतना से जिला पंचायत सदस्य हैं, वहीं, महेश पटेल आलीराजपुर के जिलाध्यक्ष हैं। नितेंद्र सिंह पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर के बेटे हैं। नितेंद्र ने जहां होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया है। वहीं, कल्पना एमएससी पास हैं। महेश पटेल ने 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की है।

तीन विस सीटों पर कांग्रेस ने इन पर लगाया दांव

पृथ्वीपुर से पूर्व मंत्री के बेटे को चुना
विधानसभा सीट पृथ्वीपुर पर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर के बेटे नितेंद्र सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। नितेंद्र होटल कारोबारी भी हैं। पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर के कोरोना से निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। ब्रजेन्द्र सिंह 5 बार इसी क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। नितेंद्र सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर से और फिर केंद्रीय विद्यालय भोपाल से हायर सेकेंडरी की है। इसके बाद पूसा इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट किया है। ओरछा में एक होटल अमरमहल का संचालन करते हैं।

वर्ष 2015 में नगर परिषद ओरछा चुनाव में नितेंद्र सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नितेंद्र ने पिता बृजेन्द्र सिंह राठौर के समर्थन में सक्रिय भी सक्रिय रहे। इसके बाद लगातार स्थानीय राजनीतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे। फरवरी 2016 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के नेतृत्व में पृथ्वीपुर विधानसभा के दिगौड़ा क्षेत्र में करीब 10 किमी की पदयात्रा की थी। पिता के निधन के बाद अब कांग्रेस सहानुभूति पर सवार होकर नितेन्द्र सिंह के जरिए चुनाव जीतने की तैयारी में है।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे

नितेंद्र का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है। इसके लिए पार्टी का आभारी हूं। चुनावी मुद्दों को लेकर कहा कि भाजपा सरकार के 15 साल के राज में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर जाएंगे, जिससे जनता परेशान है। नितेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि जनता का मुझे आशीर्वाद मिलता है, तो युवाओं को रोजगार दिलाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास करूंगा।

रैगांव में कल्पना वर्मा पर दांव
जिला पंचायत सतना के वार्ड नंबर - 2 से जिला पंचायत सदस्य कल्पना वर्मा को कांग्रेस ने रैगांव उप चुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कल्पना वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की उम्मीदवार रही हैं। तब वे भाजपा के जुगुल किशोर बागरी से करीब 18 हजार मतों के अंतर से पराजित हुई थीं। ढाई दशक में यह पहला मौका था, जब रैगांव में कांग्रेस दूसरे नंबर तक पहुंची थी। कल्पना को 48489 वोट मिले थे, जबकि बसपा की उषा चौधरी को 16677 मत मिले थे। कल्पना को रैगांव में कांग्रेस का लोकप्रिय चेहरा माना जाता है। कल्पना वर्मा को कमलनाथ समर्थित माना जा रहा है, हालांकि पिछली बार अजय सिंह राहुल ने कल्पना के पक्ष में जबरदस्त कैम्पेनिंग की थी। टिकट मिलने पर उन्होंने पार्टी का आभार माना।

समाज के 40 हजार वोटों पर कांग्रेस की नजर

वर्मा ने मैथामैटिक्स में एमएससी किया हुआ है। उन्हें राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। वे कांग्रेस की सक्रिय नेता हैं। अभी वे जिला पंचायत सदस्य हैं। सबसे खास बात यह है कि रैगांव में चौधरी समाज के करीब 40 हजार वोटर हैं। कांग्रेस इसी धड़े के साथ रैगांव जीतना चाहती है। वहीं, बसपा से चुनाव हार कर कांग्रेस में आई ऊषा चौधरी भी रैगांव सीट से टिकट की दावेदारी कर रही थीं। कल्पना और ऊषा दोनों ही चौधरी समाज से हैं, लेकिन कल्पना को तवज्जो मिली। बताया जाता है कि कमलनाथ ने पहले ही कल्पना को चुनावी तैयारी के संकेत दे दिए थे। उनका टिकट लगभग फाइनल था, बस औपचारिक घोषणा शेष थी।

जोबट पर महेश के भरोसे जीत की चाह
जोबट में कांग्रेस महेश पटेल के भरोसे जीत का सपना संजोया है। पटेल अलीराजपुर के दबंग और दिग्गज कांग्रेसी नेता माने जाते हैं। महेश पटेल के पिता वेस्ता पटेल भी कांग्रेस के विधायक रहे हैं। उनके भाई मुकेश पटेल फिलहाल अलीराजपुर से विधायक हैं। इसके पहले वे आलीराजपुर सीट से विधायक का चुनाव लड़े, लेकिन बीजेपी के नागर सिंह चौहान से चुनाव हार गए थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महेश पटेल के बजाय उनके भाई मुकेश पटेल को टिकट दिया और वह अलीराजपुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके पहले महेश पटेल की पत्नी सेना पटेल 2013 में कांग्रेस की टिकट पर दावेदारी कर चुकी हैं। टिकट मिलने के बाद महेश पटेल ने कहा - पार्टी ने विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। 12वीं तक पढ़े पटेल किसान हैं।

सुलोचना के हटते ही पटेल की राह हुई आसान

जोबट से सुलोचना रावत और विशाल रावत के बीजेपी में जाने के बाद महेश पटेल की राह आसान हो गई थी। जोबट सीट रावत परिवार की परंपरागत जीत रही है, लेकिन 2018 में टिकट नहीं मिलने पर सुलोचना रावत के बेटे विशाल रावत ने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाया था। इसी वजह से पार्टी का बड़ा खेमा कई नेता और कार्यकर्ता सुलोचना रावत को टिकट देने के पक्ष में नहीं थे।

30 अक्टूबर को वोटिंग
बता दें कि विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी। 2 नवंबर को मतगणना होनी है। मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। वहीं, पृथ्वीपुर, जोबट और रैगांव विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। खंडवा लोकसभा सीट पर सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के कोरोना से निधन होने पर सीट खाली हुई थी।

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