आलीराजपुर में खूनी संघर्ष, 4 की मौत:डेढ़ साल पहले भागे थे लड़का-लड़की; अब एक किलो चांदी लौटाने पर विवाद, दोनों परिवारों के बीच हिंसक झड़प

आलीराजपुर6 महीने पहले

आलीराजपुर में दीपावली की रात खूनी रात में बदल गई। दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में 4 लोगों की हत्या जान चली गई। वारदात जिले के चांदपुर थाने के बोकाड़िया गोराद फलिया गांव की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि लड़का-लड़की के भागने के विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। खूनी संघर्ष में दोनों ओर के दाे-दाे लाेगाें की जान गई है। इस हत्याकांड में लाठी-फालिए (धारदार हथियार) से हमले किए गए। जानकारी मिलते ही SP मनोज कुमार सिंह रात में ही टीम के साथ बोकडिया पहुंचे। तनाव काे देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक गांव के ही गुजला का बेटा माधो करीब डेढ़ साल पहले राधू की बेटी लीला को लेकर चला गया था। दोनों के नाबालिग होने के कारण परिवार वालों ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी। दोनों ही पक्ष रिश्तेदार हैं, इसलिए उन्होंने मामले को तूल देना सही नहीं समझा। दोनों परिवारों में पंचायत स्तर पर आपसी समझौता कराने की कोशिश चल रही थी।

लड़की लीला घर से जाते समय अपनी मां की एक किलो चांदी ले गई थी। रुपयों का लेन-देन और चांदी वापस देने की बात पर गुरुवार शाम दोनों परिवार के बीच विवाद हो गया। मामले को सुलझाने के लिए दिवाली की शाम को पंचायत बुलाई गई। इसी दौरान दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और धारदार हथियार और लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला करने लगे।

हमले में लड़के के चचेरे भाइयों की गई जान
लड़के पक्ष की ओर से माधो की भाभी शारदा बाई ने लड़की पक्ष के राधू, नानबु, हबू, भिकला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। हमले में माधो के दो चचेरे भाई 25 साल के स्माल और 22 साल के सुखदेव पुत्र भुदर सिंह निंगवाल की मौत हुई है।

लड़की के चाचा और दादा की भी हत्या हुई
वहीं, पुलिस ने लड़की पक्ष की ओर से लड़की के पिता राधू पुत्र भल सिंह (40) की रिपोर्ट पर गुजला, इडला, जगलिया और गुसायदा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हमले में लीला के दादा भलसिंग पुत्र गुलिया (50) नई बोकड़िया और लीला के चाचा नानबु पुत्र भलसिंह (38) की मौत हो गई है।

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