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गणेशोत्सव को लेकर असमंजस:कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालु व आयोजक को फेस कवर कर आना होगा, पर मंडलों के पास अब तक कोई जानकारी नहीं

आलीराजपुर19 दिन पहले
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  • गृह विभाग ने जारी की गाइडलाइन पर जिला प्रशासन ने अभी तक मंडलों से साझा नहीं की

जिले में गणेशोत्सव पर्व लगातार दूसरे साल भी कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका के चलते कोविड गाइडलाइन की बंदिशों के बीच मनेगा। गाइडलाइन के तहत जिले में आगामी पर्व कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सीमित दायरे में रहकर मनाया जाएगा। मप्र गृह विभाग ने गाइडलाइन तो जारी कर दी हे लेकिन अब तक जिला प्रशासन ने गणेश मंडलों के साथ इसे साझा नहीं की है। लिहाजा वे तैयारियों को लेकर असमंजस में है। 10 दिनी गणेशोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर से होगी। बाजार में भी प्रतिमाएं बिकने आ गई है। कुछ व्यापारी पीओपी की प्रतिमा बेच रहे हैं। जबकि मिट्टी की प्रतिमा बनाने वाले एकमात्र कलाकार ने इस बार प्रतिमाएं नहीं बनाई है। क्योंकि कोविड के चलते पिछले साल उन्हें नुकसान उठाना पड़ा था। गत वर्ष भी बड़ी प्रतिमाएं विराजित करने पर रोक थी।

इस साल भी गाइडलाइन लगभग गत वर्ष की तरह ही रहेगी। गणेशोत्सव के लिए पंडाल का आकार 30 बाय 45 फीट का तय किया गया है। धार्मिक त्योहारों में चल समारोह भी नहीं निकाला जा सकेगा। विसर्जन का जिम्मा आयोजन समिति का होगा, जिसमें 10 सदस्य ही शामिल हो सकेंगे। इसके लिए भी अनुमति लेना होगी। पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ भी एकत्रित नहीं की जाएगी। गाइडलाइन को लेकर गणेश मंडलों में असमंजस : गणेशोत्सव को लेकर गणेश मंडलों के पास अब तक गाइडलाइन नहीं पहुंची। लिहाजा उन्होंने अब तक तैयारियां शुरू नहीं की है। पोस्ट ऑफिस चौराहे पर गणेश प्रतिमा विराजित की जाती है। मंडल के नारायण गुप्ता ने बताया गाइडलाइन की जानकारी अभी नहीं मिली है। इसे लेकर शांति समिति की बैठक हर बार होती है ये भी अब तक नहीं हुई है।

इसके अलावा झंडा चौक स्थित गणेश मंडल के प्रदीप राठौर ने बताया जिला प्रशासन ने अब तक व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी नहीं दी है। इसलिए कई गणेश मंडल तैयारियों को लेकर असमंजस में है। प्रशासन को बैठक कर सभी मंडलों को गाइडलाइन की जानकारी देना चाहिए।

और... संकरी जगह पर पांडाल लगाने की अनुमति नहीं

गाइडलाइन के तहत धार्मिक, सामाजिक जुलूस या चल समारोह नहीं निकाले जाएंगे। कम जगह या संकरी सड़क पर पंडाल बनाने की अनुमति नहीं होगी। झांकी स्थल पर भीड़ जमा नहीं होने देने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी। लाउड स्पीकर के इस्तेमाल में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। झांकियों, पांंडालों और विसर्जन स्थल पर श्रद्धालु और आयोजक फेस कवर पहनकर आएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। इसके साथ ही सैनिटाइजर का इस्तेमाल जरूरी होगा। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

10 से शुरू होगा 10 दिनी उत्सव, गाइडलाइन की जानकारी न होने से मंडलों ने शुरू नहीं की तैयारी

रोक होने के बावजूद पीओपी की प्रतिमा भी बिक रही
पीओपी की प्रतिमा पर रोक है, हालांकि इसके बाद भी कई व्यापारी हर साल की तरह इसका व्यापार कर रहे हैं। व्यापारी साेनू प्रजापति ने बताया उनके पास 1 से लेकर 9 फीट तक की प्रतिमा है। जिनकी कीमत 51 रुपए से लेकर 9 हजार रुपए तक है। शहर में करीब 6 दुकानें लगी है। आगामी दिनों में दुकानों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

नुकसान से बचने के लिए इस बार नहीं बनाई मिट्टी की प्रतिमा
कोरोना ने कई व्यापार प्रभावित किए हैं। नगर में मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले गजेंद्र प्रजापति ने इस बार एक भी प्रतिमा नहीं बनाई है। क्योंकि पिछले साल उन्हें घाटा उठाना पड़ा था। गजेंद्र ने बताया गत वर्ष 500 प्रतिमाएं बनाई थी, इनमें से करीब 300 जैसे-तैसे बिकी थी। जबकि हर साल सारी प्रतिमाएं बिक जाती थी। गाइडलाइन में प्रशासन क्या तय करे इसलिए प्रतिमाएं नहीं बनाई।

इस बार वे नई प्रतिमा नहीं बना रहे हैं, गत वर्ष की बची हुई प्रतिमाओं को ही नया रूप देकर बेचेंगे। उनके पास बुकिंग शुरू हो गई है। गत वर्ष से कोरोना के कारण वे 3 फीट तक की प्रतिमा बनाने लगे हैं। पहले 6 से 7 फीट की बनाते थे। प्रतिमाओं की कीमत 100 से लेकर 3 हजार रुपए तक है।

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