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पर्युषण पर्व:कल्पसूत्र का वाचन शुरू, आज मनाएंगे महावीर जन्म कल्याण महोत्सव

आलीराजपुर15 दिन पहले
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  • कल्पसूत्र वोहराने के पूर्व कल्पसूत्र को नगर भ्रमण करवाया गया, स्थानीय राजेंद्र उपाश्रय में हुआ आयोजन

कल्पसूत्र महा मंगलकारी है, इसके श्रवण से अनेक विघ्नों का नाश होता है। 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के भवकालों का सविस्तार वर्णन कल्पसूत्र में उल्लेखित है। पूर्व में कल्पसूत्र का वाचन व श्रवण सिर्फ साधु-साध्वी मंडल द्वारा ही किया जाता था लेकिन वर्तमान में इसका वाचन गृहस्थ श्रावकों के मध्य भी किया जाता है। क्योंकि इस पवित्र ग्रंथ के सुनने मात्र से ही प्राणियों के दु:ख, पाप और संताप का क्षय हो जाता है और उसे मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती है। यह बात पर्युषण पर्व के चौथे दिन राजेंद्र उपाश्रय में सचिन प्रभावचंद्र जैन व सचिन अशोक कुमार जैन ने कही। जैनद्वय ने कहा कल्प अर्थात आचार। साधु के 10 प्रकार के कल्प है। उसमें 10वां पर्युषण कल्प कहा गया है। पर्युषण कल्प साधु के चातुर्मास में निश्चित प्रकटीकरण अर्थात स्थिरता की घोषणा है। चातुर्मास में एक जगह रहना स्थिरता का प्रतीक है। जैन दर्शन में कल्पसूत्र ग्रंथ के वाचन की सुव्यवस्थित विधि है। इसका वाचन एवं श्रवण करने वाले जीवात्मा निश्चय ही भव तीसरे अथवा 8वें तक मोक्ष सुख को प्राप्त होते हैं।

इस महान पवित्र ग्रंथ में तीर्थंकर जीवन दर्शन, गणधर, परंपरा, प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक साधुओं के प्रायश्चित कर्म में जड़ का वर्णन है। चातुर्मास काल में किन परिस्थितियों में साधु स्थान का परित्याग कर अन्यत्र जा सकता है, उन स्थितियों का वर्णन कर साधु को स्थान परिवर्तन के अपवाद मार्ग बताए गए हैं। वक्ताओं ने कहा कल्पसूत्र में 1200 प्रमाण होने से इसे बारसा सूत्र भी कहा जाता है। इसे ध्यान से 21 बार गुरु के मुख से सुनने से अवश्य ही आत्मा का कल्याण होता है। कल्पसूत्र के आरंभ में साधु के 10 प्रकार के आचार बताए गए हैं। आचारों का पालन करने से आत्मिक स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
माता त्रिशला के स्वप्नों की बोलियां लगाई
श्रीसंघ के सदस्य अनीस जैन ने बताया कल्पसूत्र के वाचन के मध्य में दोपहर को भगवान महावीर की माताजी द्वारा देखे गए 14 स्वप्नों की बोलियां लगाई गई। जिसमें समाजजन ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। कल्पसूत्र वोहराने का लाभ हरकचंद रतीचंद कमला स्टोर्स परिवार ने लिया। कल्पसूत्र वोहराने के पूर्व कल्पसूत्र को नगर भ्रमण करवाया गया।
आज मनाया जाएगा महावीर जन्मोत्सव : जैन ने बताया मंगलवार को समाजजन द्वारा हर्षोल्लास पूर्वक 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामीजी का जन्मकल्याण महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान के जन्म से पहले माता त्रिशला द्वारा देख गए 14 स्वप्नों की पुन: बोलियां भी लगाई जाएगी तथा दोपहर में वरघोड़े का आयोजन किया जाएगा।

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