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ब्रह्माकुमार नारायण भाई:हमारे पास जो है वह हमारी भेजी हुई शक्ति का रिटर्न है

आलीराजपुर13 दिन पहले
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हमारे सोचने, बोलने और करने से जो शक्ति पैदा होती है, वह हमारा कर्म बनाती है। मैं किसी व्यक्ति से कैसे बात करूं यह मेरा कर्म है और कोई व्यक्ति मुझसे कैसे बात करेगा यह मेरा भाग्य है। आप किसी पर विश्वास करें ये आपका कर्म। वो आप पर विश्वास करे या धोखा दे वह आपका भाग्य है। हमारे पास जो है वह हमारी भेजी हुई शक्ति का रिटर्न है।

यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने वर्तमान समय में बढ़ते हुए तनाव, चिंता के कारणों पर ऑनलाइन संबोधित करते हुई कही। उन्होंने कहा समझने की बात यह है कि सब कुछ जो हमारे पास बाहर से आ रहा है, वह उसी का रिटर्न है जो एनर्जी हमने बाहर भेजी थी।

ठीक वैसे जैसे हम एक गेंद को दीवार पर फेंकते हैं तो वह लौटकर हमारे पास ही आती है। हम अपने कर्म के भाग्य से, भाग नहीं सकते हैं। किसी ने मुझे कुछ बुरा कहा, हम इस शक्ति का कुछ नहीं कर सकते हैं। लेकिन हमारी पकड़ गेंद पर तभी तक थी जब तक उसे फेंका नहीं गया था।

नारायण भाई ने कहा सबसे बड़ी कठिनाई है अहम। जिसने मेरे साथ गलत किया उसके लिए बुरा सोचना सामान्य और स्वाभाविक है। सोचते-सोचते लोग कहते हैं भगवान इसको इस कर्म की सजा जरूर देगा। हम भगवान से उसका कुछ बुरा करने को कहते हैं। ये सारे काली गेंद भेज रहे हैं।

जिस तरह किसी के लिए बुरा सोचने की कोई सीमा नहीं होती है उसी तरह अच्छा सोचने की भी नहीं है। जरूरत है कि थोड़ा-सा अहंकार दबा के, खुद पर थोड़ी-सी मेहनत करके, प्यार से खुद को रोक लें।

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