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  • At The Eternal Pilgrimage Vandana Ceremony In Jain Dharamshala, Acharya MriduratnasagarSurishwarji Said In The Discourse We Should Avoid Condemnation Along With Religious Activity

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महोत्सव:जैन धर्मशाला में शाश्वत तीर्थ वंदना समारोह में आचार्य मृदुरत्नसागरसूरिश्वरजी ने प्रवचन में कहा- हमें धर्म क्रिया के साथ-साथ निंदा से बचना चाहिए

बदनावरएक महीने पहले
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  • जैन धर्मशाला में शाश्वत तीर्थ वंदना समारोह में आचार्य मृदुरत्नसागरसूरिश्वरजी ने प्रवचन में कहा

मानव चंद्रमा तक पहुंचा या नहीं पहुंचा यह आप लोग विवाद का विषय मान सकते हैं। लेकिन यह बात निर्विवाद सत्य है कि आत्मा सिद्ध शीला तक पहुंच सकती है और पहुंचती भी है। हम जहां रह रहे हैं इस जंबूद्वीप में दो सूर्य एवं दो चंद्रमा है। जो एक-एक दिन के अंतराल से उदय होते हैं।

इसी तरह पूरे खंड में 309 सूर्य एवं चंद्र हैं। इसी के साथ बाहर देव लोक जो क्रमशः सौधर्म, ईशान, सनत कुमार, माहेंद्र, ब्रह्मलोक, लान्तक, महाशुक्र, सहस्त्रसार, आनत, प्राणत, आरण, अच्युत, आदि 12 देवलोक एवं ग्रेव्यक और अनुत्तर आदि दो के कुल मिलाकर 8497023 शाश्वत जिन मंदिर एवं 1529444760 जिन प्रतिमा हैं। जहां सभी देव-देवी, इंद्र-इंद्राणी प्रभु भक्ति करते हैं।

यह प्रवचन जैन धर्मशाला में विराजित आचार्य मृदुरत्नसागरसूरिश्वरजी ने 15 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत शाश्वत तीर्थ वंदना समारोह में देव लोक में रहे हुए तीर्थों की वंदना में दिए। आचार्य ने कहा कुछ देव ऐसे होते हैं जिन्होंने मानव के भव में पुण्य कार्य तो किया था लेकिन साथ ही देव गुरु एवं धर्म की निंदा भी की थी। ऐसे जीव मरकर अछूत श्रेणी के देव बनते हैं। ऐसे देव तीर्थंकर परमात्मा के समोसारण में जाने की योग्यता नहीं रखते हैं, इसका इन्हें हमेशा दु:ख रहता है। अतः हमें भी धर्म क्रिया के साथ-साथ निंदा से बचना चाहिए।

आचार्य ने 12 देव लोक का विस्तृत वर्णन कर तीनों लोक के कुल मिलाकर 85700282 शाश्वत जिन मंदिर एवं 15425836080 जिन प्रतिमा की भाव वंदना कराई। जैन पाठशाला की बालिकाओं ने नृत्य के माध्यम से भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव का मंचन किया।

अंत में आचार्य ने समस्त श्रीसंघ को सकल तीर्थ चैत्य वंदन कराया। लकी ड्राॅ के माध्यम से पुरस्कार भी बांटे। महोत्सव के तृतीय भाग में अधिष्ठायक देव मणिभद्र वीर का प्राकट्य उत्सव एवं हवन कराया जाएगा। सभी कार्यक्रम जैन धर्मशाला निचलावास में होंगे।

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