पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

महा-उपचुनाव:बदनावर में निर्दलीयाें के कारण दाे बार कांग्रेस ताे तीन बार हुई भाजपा की हार

बदनावर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • जिस दल के निर्दलीय ने मैदान संभाला उस दल काे मिली पराजय, लेकिन बाद में उसे ही किया गया उपकृत

(महेश पाटीदार) विधानसभा उपचुनाव में दोनों दल पूरी ताकत से मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं। हालांकि अभी नामांकन का दौर जारी है। वास्तविक स्थिति नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि बदनावर विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी की भूमिका भी अहम रही है। जब भी जिस दल से निर्दलीय ने मैदान संभाला उस दल के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस को दो बार व भाजपा की तीन बार हार हुई है। देखने में आया है कि जिस प्रत्याशी ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़कर पार्टी काे हराया, उसे ही पार्टी ने बाद में अच्छा पद या टिकट देकर उपकृत भी किया। इस बार किस दल से बागी निर्दलीय की भूमिका निभाएंगे यह नामांकन वापसी के बाद ही पता चल पाएगा।

जाने किसकी वजह से काैन हारा : 1985 के चुनाव में कांग्रेस के रघुनाथसिंह माथुर के समक्ष बागी सादिक अली बोहरा के मैदान में आने से माथुर की हार हुई जबकि 1998 के चुनाव में कांग्रेस के बागी राजर्वधनसिंह दत्तीगांव के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर मोहनसिंह बुंदेला पराजित हुए।

2003 के चुनाव में भाजपा के बागी प्रकाश सावंत ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। इससे खेमराज पाटीदार को हार का सामना करना पड़ा। 2008 के चुनाव में भाजपा के बागी रमेश पटेल शेरगढ़ निर्दलीय चुनाव लड़े थे इससे खेमराज पाटीदार की दोबारा हार हुई। 2018 के चुनाव में भाजपा के बागी राजेश अग्रवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भंवरसिंह शेखावत को हार का सामना करना पड़ा।

ये परिपाटी गलत है: कैलाश वियजवर्गीय के तिलगारा में राजेश अग्रवाल काे मंत्री पद देने की बात पर पूर्व विधायक भंवरसिंह शेखावत ने कहा कि वाकई में कैलाश विजयवर्गीय पर राजेश का एहसान है। क्योंकि विजयवर्गीय ने शेखावत को हराने के लिए ही राजेश को खड़ा किया था। यदि इसी प्रकार पार्टी को हराने वाले निर्दलीय या बागी व्यक्ति को पद देकर पुरस्कृत किया जाता रहा तो आगे भी कई कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

हार के बाद दोनों दल में बागी को मिला इनाम
1998 में कांग्रेस को चुनाव हराने वाले निर्दलीय व बागी राजवर्धनसिंह दत्तीगांव काे कांग्रेस ने 2003 में पार्टी का प्रत्याशी बनाया। जबकि भाजपा को चुनाव हराने वाले बागी प्रकाश सावंत को पार्टी ने मार्केटिंग सोसायटी व जनपद पंचायत का अध्यक्ष बनाया। 2018 में भाजपा से बागी हाेकर चुनाव लड़े राजेश अग्रवाल को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने न केवल भाजपा में वापसी करवाई बल्कि अग्रवाल को केबिनेट मंत्री पद देने का सार्वजनिक तौर पर एलान भी किया। तिलगारा में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंच से कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि राजेश अग्रवाल का एक एहसान है मुझ पर जिसे में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिलाकर उतारने का प्रयास करूंगा।

खबरें और भी हैं...