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विवाद का निपटारा:लाेक अदालत: 15 से ज्यादा दंपती फिर हुए एक

बागली9 दिन पहले
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बागली काेर्ट में अायाेजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से 15 से अधिक दंपती फिर से एक हुए। वे अपने बच्चों के भविष्य के खातिर समझाइश के बाद फिर से गृहस्थी बसाने के लिए तैयार हो गए। कुछ पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो गए थे। वे तलाक लेने पर आमादा थे, लेकिन न्यायाधीश और अभिभाषकाें की समझाइश पर फिर से एक हाे गए। एक-दूसरे को पुष्पमाला पहनाकर खुशी-खुशी अपने घर लाैटे।

इससे पहले लोक अदालत का शुभारंभ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने किया। इस अवसर पर न्यायाधीश संगीता पटेल, न्यायाधीश सुनयना श्रीवास्तव, विवेकसिंह राजन सहित अभिभाषक, बैंक अधिकारी, बिजली कंपनी के अधिकारी, नगर परिषद अधिकारी आदि उपस्थित थे। हाटपिपल्या की आशा बड़ोदिया का विवाह उज्जैन के घनश्याम बड़ौदा के साथ हुआ था।

दोनों पति-पत्नी के दो बच्चे होने के बाद भी आपसी मनमुटाव के चलते पिछले ढाई वर्षों से अलग रहकर न्यायालय में केस लगा रखा था। लोक अदालत में न्यायाधीश राजन एवं आशा बड़ोदिया के वकील सूर्यप्रकाश गुप्ता व मयंक गुप्ता एवं घनश्याम बड़ौदा के वकील राजेंद्र कुमार इनानी व अभिषेक इनानी की समझाइश पर दोनों पति-पत्नी में आपसी सुलह हो गया।

इसी तरह घरेलू हिंसा के प्रकरण में मनीषा व तूफान के बीच में आपसी राजीनामा हुआ। मप्र ग्रामीण बैंक शाखा डेरियासाहू के बकाया ऋण प्रकरण में समझाैता हुआ। राजीनामा करने वाले सभी पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए। आभार अभिभाषक संघ अध्यक्ष कैलाश सैंधव ने माना।

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