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प्रशासन के आंकड़े झूठे:15 दिन में काेराेना से 10 की माैत, जबकि हेल्थ बुलेटिन में सिर्फ दाे

देवास15 दिन पहले
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  • प्रशासन छिपा रहा जानकारी, पहले भी सामने आ चुकी है इस तरह की लापरवाही

शहर सहित जिलेभर में काेराेना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। माैत के आंकड़े भी बढ़ रहेे हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर पर आंकडे़ ठीक से स्पष्ट नहीं किए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि पिछले 15 दिन में काेराेना से अब तक 10 लोगों की माैत हाे चुकी हैं, पर स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन में तब से अब तक सिर्फ दाे माैत ही बताई जा रही है। बालगढ़ राेड स्थित शहर के मुख्य मुक्तिधाम में मार्च माह में कुल 108 अंतिम संस्कार किए गए, जिनमें से 20 से 29 मार्च के बीच चार अंतिम संस्कार काेराेना प्राेटाेकाल के तहत किए गए हैं। वहीं एक अप्रैल से अब तक चार अंतिम संस्कार काेराेना प्राेटाेकाल के तहत हुए हैं।

इस लिहाज से 20 मार्च से अब तक काेराेना से आठ लाेगाें की माैत हाे चुकी है, वहीं मंगलवार काे भी दाे लाेगाें की माैत काेराेना से हुई है। जबकि इस दिन भी एक ही मौत जोड़ी गई है और 28 मार्च को एक मौत जोड़ी गई थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार काे दाेपहर बाद जारी हेल्थ बुलेटिन में काेराेना से रेतड़ी के एक बुजुर्ग की माैत बताई गई है, यह अमलतास में भर्ती था। वहीं, इसी दिन 32 वर्षीय एक विवाहिता का भी निधन हुआ है, इनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था, इनकी रिपाेर्ट पाजिटिव थी। इधर, काेराेना से हाे रही माैत के आंकड़ाें काे देखते हुए नगर निगम द्वारा इटावा अर्जुन नगर आड़ा कांकड़ के मुक्तिधाम काे अब आरक्षित कर दिया गया है। वहीं, इसकी सूचना संबंधी नाेटिस बालगढ़ के मुक्तिधाम पर चस्पा कर दिया गया है।

भास्कर लाइव : एमजीएच में बरती जा रही लापरवाही के कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा
इधर, जिला अस्पताल में स्थिति यह है कि यहां के 32 बेड वाले काेविड वार्ड में सभी बेड फुल हैं। दाे मरीज आईसीयू वार्ड में भर्ती हैं। एमजीएच में काेराेना के मरीजा बढ़ने के बावजूद लापरवाही बरकरार है। सामान्य राेग के मरीज भी काेविड वार्ड में बेराेकटाेक आ जा रहे हैं, ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। कोरोना मरीजों के लिए दूसरी मंजिल पर दो वार्डों में व्यवस्था की है। गंभीर मरीजों को आईसीयू वार्ड में रखा जा रहा है। 28 पलंग के वार्ड के बाहर अटेंडर जमीन पर बैठे रहते हैं और मरीज का हालचाल जानने पलंग तक जाते हैं।

कई अटेंडर तो अपने मरीज का मनोबल बढ़ाने उनके पास पलंग पर भी बैठे नजर आते हैं। मंगलवार को एक दंपती को प्रसूति वार्ड में जाना था, उनकी रिश्तेदार को डिलीवरी हुई थी, जो कोरोना वार्ड में पहुंच गए। उसी समय कोरोना वार्ड के हालात देखने पहुंचे भास्कर रिपोर्टर की दोनों से बात हुई। बाहर बैठे अटेंडरों ने बताया हम लोग बाहर बैठे रहते हैं तो हमारे मरीजों को अकेलापन नहीं लगता, घबराते नहीं हैं। एक महिला ने बताया मेरी 21 वर्षीय बेटी को कोरोना है, वह घबराए नहीं इसलिए उससे मिलने जाती हूं वह खाना खा लेती है।

पहले भी छिपाए गए हैं मरीजों के आंकड़े
आंकड़े छिपाने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी लापरवाही सामने चुकी है। 6 मार्च तक काेराेना के केस एक-दाे ही बताए जा रहे थे, जबकि फीवर क्लीनिक की रिपाेर्ट में मरीजाें की संख्या ज्यादा थी। 7 मार्च काे भास्कर ने जब यह मामला उठाया, उसके बाद संख्या बढ़कर सामने आने लगी थी।

1 अप्रैल से अब तक 4 अंतिम संस्कार
मुक्तिधाम में मार्च माह में कुल 108 अंतिम संस्कार हुए हैं, इनमें से चार अंतिम संस्कार 20 से 29 मार्च के बीच काेराेना प्राेटाेकाल के तहत किए गए है। वहीं एक अप्रैल से अब तक चार अंतिम संस्कार प्राेटाेकाल के तहत हुए हैं।
-गाेवर्धन मालवीय, व्यवस्थापक
आसपास के जिलों के थे कुछ मरीज

माैताें के आंकड़ाें में यह अंतर इसलिए आ रहा है कि कुछ मरीज ऐसे भी थे कि वे आसपास के जिले के थे। निधन हाेने पर अंतिम संस्कार यहीं के मुक्तिधाम में किया गया, जबकि उनकी माैत काे संबंधित जिले में जाेड़ा गया, इस कारण यह अंतर है। एमजीएच में यदि लापरवाही हाे रही है ताे मैं इस संबंध में जिम्मेदाराें से बात करता हूं।
-डाॅ एमपी शर्मा, सीएमएचओ देवास

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