समर्थन मूल्य / किराए के ट्रैक्टर से उपज लेकर पहुंचे किसान, चार दिन में नंबर आया, 2000 से 3200 रुपए भाड़े में ही लग जाएंगे

Farmers arriving with produce from rented tractor, number came in four days, 2000 to 3200 rupees will be charged for hire only.
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Farmers arriving with produce from rented tractor, number came in four days, 2000 to 3200 rupees will be charged for hire only.

  • चापड़ा के गेहूं खरीदी केंद्र पर किसानाें ने भास्कर से बयां की पीड़ा, रोज 500 से 800 रुपए लगता है भाड़ा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:14 AM IST

चापड़ा. समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए चापड़ा में भी केंद्र बनाया गया है। यहां किसानाें की परेशानी से जुड़ा एक अलग ही मामला सामने आया है। खरीदी केंद्र पर पहुंचे दाे किसानाें ने भास्कर से पीड़ा बयां की। वे अपनी उपज भाड़े के ट्रैक्टर में लाए थे। उन्हें शुक्रवार काे पूरे चार दिन हाे गए थे, फिर भी उनका नंबर नहीं आया था। दाेनाें किसान 500 से 800 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से ट्रैक्टर भाड़े पर लाए थे। इस तरह चार दिन में 2000 से 3200 रुपए ताे भाड़े के ही लग गए। इसी तरह अन्य कई किसान दाे से तीन से अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं।

शुरुआत में भाेपाल से एक दिन में मात्र छह किसानाें काे ही एसएमएस भेजे जा रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे खरीदी की अंतिम तिथि पास आ रही है वैसे-वैसे एसएमएस की संख्या बढ़ती जा रही है। अब स्थिति यह है कि एक दिन में 50 से 75 किसानाें काे एसएमएस भेजे जा रहे हें। इसके चलते किसानाें की भीड़ लग रही है और उपज से भरे वाहनाें की कतारें लग रही हैं। चापड़ा केंद्र पर शुक्रवार काे बारदान ही खत्म हाे गए। इसके चलते खरीदी बंद रही। सेवा सहकारी संस्था चापड़ा के ऑपरेटर बबलू झाला ने बताया कि इस वर्ष आज तक 528 किसानों से 26 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष मात्र 6750 क्विंटल की ही खरीदी हुई थी। वर्तमान में खरीदी केंद्र पर 121 किसानों के गेहूं से भरे वाहन खड़े हुए हैं। साथ ही 8 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़े हैं। 

एकसाथ कई एसएमएस भेजने से लग रही है भीड़
सेवा सहकारी संस्था चापड़ा के प्रबंधक राजेशसिंह राजपूत ने बताया कि ज्यादा एसएमएस भेजे जाने के कारण किसानाें की भीड़ लग गई है। साथ ही बारदान भी खत्म हाे गए हैं। जबकि अब तक पिछले वर्ष से चार गुना ज्यादा गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। बारदान के लिए जिले के अधिकारियाें काे अवगत करवा दिया है। बारदान मिलते ही तुलाई शुरू करवा दी जाएगी।

नंबर आते ही खत्म हो गए बारदान
किसान कमलसिंह पटेल ने बताया कि मंगलवार काे एक ट्राॅली में करीब 45 क्विंटल गेहूं लेकर बेचने के लिए केंद्र पर पहुंचा था। वहां इतनी भीड़ है तीन दिन बाद भी नंबर नहीं आया है। शुक्रवार काे ताे केंद्र पर बारदान ही खत्म हाे गए। ऐसे में मुझे चार दिन हाे जाएंगे। जबकि मैं पांच साै रुपए राेज के हिसाब से भाड़े पर ट्रैक्टर लाया हूं। अब मुझे दाे हजार रुपए ताे भाड़े के ही चुकाने पड़ेंगे। किस्मत अच्छी रही ताे शनिवार काे मेरा नंबर आ जाएगा, नहीं ताे और इंतजार करना पड़ेगा। इसी तरह भाड़ा भी बढ़ता जाएगा।
चार दिन हो गए अभी तक नहीं आया नंबर
किसान अनाेपसिंह दरबार ने बताया कि मैं खरीदी केंद्र पर मंगलवार काे एक ट्रैक्टर भाड़े पर लेकर करीब 50 क्विंटल गेहूं लेकर तुलवाने के लिए पहुंचा था। हाल ही में एक साथ ज्यादा किसानाें काे एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इसके चलते सभी अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। इस वजह से भाड़े के वाहन भी उपलब्ध नहीं हाे पा रहे हैं। एक ट्रैक्टर आठ साै रुपए राेजाना के हिसाब से भाड़े पर लिया। मुझे शुक्रवार काे चार दिन हाे गए। अब तक नंबर नहीं आया है। इसके चलते मुझे चार दिन का कुल 3200 रुपए भाड़ा लग जाएगा।

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