MP में जुगाड़ वाली एंबुलेंस:सरकारी एंबुलेंस नहीं आती, इसलिए बाइक पर खाट बांधकर बेटी को ले आए अस्पताल

देवासएक वर्ष पहले

देवास में एक पिता अपनी बीमार बेटी को बाइक पर खटिया बांधकर अस्पताल ले गया। युवती पैरालाइज है, उसे हर महीने इलाज कराने गांव से सतवास लाना पड़ता है। परिजनों का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस कॉल करने पर भी नहीं आती है। प्राइवेट एंबुलेंस का खर्चा एक बार में ही 1500 रुपए आता है। इसकी वजह से वे जुगाड़ के सहारे ले आए हैं। इसका वीडियो बनाकर एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस पर किसी ने कमेंट कर दिया कि वह गर्भवती है।

CMHO डॉ. एमपी शर्मा का कहना है कि अगर ऐसा कोई मामला है तो हम दिखवा रहे हैं। वह गर्भवती नहीं है। पैरालाइज्ड है। हर बार यूरिन की नली बदलवाने आती रहती है। युवती किसी कारणवश एंबुलेंस नहीं मिलने पर वहां पहुंची थी। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचाकर महिला का उपचार करवाया जाएगा।

बीमार योगिता (19) खातेगांव की रहने वाली है। परिजन पिछले 18 महीने से उसका इलाज करवा रहे हैं। अब योगिता को हर महीने एक बार जिला अस्पताल आना पड़ता है। उसके पिता कैलाश शनिवार को बाइक पर खटिया बांधकर उसे अस्पताल लाए थे।

इलाज के लिए 3 लाख ब्याज पर लिए
कैलाश ने बताया कि योगिता के कमर के नीचे का भाग काम नहीं करता है। 18 महीने पहले वह गड्‌ढे में गिर गई थी, तब से आज तक उसे परेशानी बनी हुई है। योगिता के भाई विजेश ने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं। बहन के उपचार के लिए अभी तक 3 लाख रुपए ब्याज पर ले चुके हैं। सरकारी सुविधाओं का कोई लाभ आज तक नहीं मिला है। वहीं, एंबुलेंस के लिए कॉल करते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती है। एक बार घर से खातेगांव अस्पताल ले जाने में 1000 रुपए से 1500 रुपए खर्च आता है। खर्च कम हो, इसलिए पापा एक दिन पहले उसे बाइक पर खटिया बांधकर सतवास के अस्पताल लेकर गए थे।

जस्टिस फॉर लखबीर सिंह ने यह किया था ट्वीट