बेटियाें की हिम्मत काे सलाम:काेविड मुक्तिधाम में पिता काे दे रही मुखाग्नि, रिश्तेदार-परिजन बना रहे दूरी

देवास6 महीने पहले
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  • इटावा के आरक्षित मुक्तिधाम में किया जा रहा है काेराेना से मृत व्यक्तियाें का अंतिम संस्कार

इटावा के अर्जुन नगर आड़ा कांकड़ स्थित काेविड मुक्तिधाम में काेराेना से मृत व्यक्तियाें का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस महामारी के डर से रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने दूरी बना ली है। एक माह में काेविड श्मशान में पांच ऐसे अंतिम संस्कार हुए, जिसमें पिता काे मुखाग्नि उनकी बेटियाें ने ही दी।

इक्का-दुक्का रिश्तेदार भी साथ में गए ताे दूर खड़े हाेकर देखते रहे। एक व्यक्ति की काेविड से मृत्यु हाेने पर घर में ही बाॅडी रही, जिसके पास बेटी और पत्नी विलाप करती रही, काई नहीं आया। अगले दिन बेटी ने सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दाैरान बेटियां विलाप करती रही- अब हमारा ख्याल काैन रखेगा, हमें आसरा काैन देगा।
इकलाैती बेटी ने दी मुखाग्नि

दाे दिन पहले शहर के राम-रहिम नगर में रहने वाले व्यक्ति का काेविड से निधन हाे गया था। अस्पताल से सीधे बाॅडी नगर निगम के वाहन से काेविड श्मशान में लाई गई। अंतिम संस्कार के दाैरान मृतक की इकलाैती बेटी पहुंची, जिसके साथ काेई भी नहीं था।

अकेली लड़की काे देखते हुए नगर निगम की टीम ने लकड़ी, कंडे जमवाने के साथ ही अन्य व्यवस्था की। जब पिता काे मुखाग्नि देने का नंबर आया ताे बेटी के पहले हाथ कांपे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। बेटी मुखाग्नि देते समय पापा को याद करती रही।
पिता की माैत के बाद छाेटी बेटी ने दी मुखाग्नि

राधागंज के सुखदेव पाटीदार का निधन घर पर काेविड का उपचार करवाने के दाैरान 18 अप्रैल काे हाे गया था। घर में सिर्फ छाेटी बेटी और उसकी मां थी, बड़ी बेटी अपने ससुराल विदिशा में थी, जिसकी सास भी शांत हाे चुकी थी।

घर में शव के पास बेटी और उसकी मां रात में बैठी रही, जिसकी जानकारी मीडियाकर्मियाें काे लगने पर रात में घर से बाॅडी हटाकर मर्चुरी में रखवाई। अगले दिन काेविड श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, जहां चिता पर लकड़ियां, मीडियाकर्मी और समाजसेवियाें ने जमाई थी। छाेटी बेटी ने रोते हुए पिता काे मुखाग्नि दी। यहां भी परिवार, पड़ाेसी और रिश्तेदार काेई भी नहीं पहुंचा।

पिता की कोराना से मृत्यु पर छाेटी बेटी ने दी मुखाग्नि
जवाहर नगर में रहने वाले राकेश माहेश्वरी का निधन मंगलवार काे काेराेना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से हाे गया था। उनके बेटे नहीं दाे बेटियां हैं, जाे काेविड श्मशान में अंतिम संस्कार प्रक्रिया में शामिल हुई।

बड़ी बेटी और जमाई श्मशान में माैजूद रहे, जिनके सामने छाेटी बेटी ने पिता काे मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दाैरान दाेनाें बेटियां अपने पिता काे याद करके राे रही थी। श्मशान में तीन के अलावा पड़ाेसी, परिवार और रिश्तेदार माैजूद नहीं था। बेटी जब पिता काे मुखाग्नि दे रही थी, उस समय माैजूद नगर निगम की टीम की आंखें भी भर आई थी।

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