आयोजन:सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने व नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन की वेबिनार में दी जानकारी

देवास2 महीने पहले
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  • आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत हुआ कार्यक्रम, अधिकारियों सहित 151 लोग जुड़े

आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत क्षेत्रीय कार्यालय मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देवास-इन्दौर के द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने, प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2016 व नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार का प्रमुख उद्देश्य था प्लास्टिक उद्योगों के प्रतिनिधियों काे प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम संशोधित की जानकारी देना।

वेबीनार में क्षत्रीय कार्यालय इन्दौर-देवास के तहत आने वाले इन्दौर, खरगौन, खंड़वा, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास व शाजापुर के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद के अधिकारी, प्लास्टिक उद्योगों, शहरों के प्लास्टिक व्यावसायियों, टॉफी उद्योग, होटल-मैरिज गार्डन के प्रतिनिधियों, नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों, शासकीय अधिकारियों, एनजीओ, शिक्षण संस्थान व बोर्ड के संबंधित अधिकारियों सहित 151 लाेग जुड़े।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया, केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2016 में संशोधन करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक अर्थात प्लास्टिक की वस्तु जिसको डिस्पोज या रिसायकल से पहले एक काम के लिए एक ही बार इस्तेमाल किया जाना है, को प्रतिबंधित किया है।

यह प्रतिबंध 1 जुलाई 2022 से प्रभावशील होंगे। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक जिसमें 17 प्रकार के उत्पाद प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बडस, बैलून के साथ उपयोग होने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आईस्क्रीम स्टिक व सजावट में उपयोग होने वाले थर्माकोल का सामान, प्लेटस, कप्स, ग्लास, फोर्क, स्पून, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे आदि कटलरी आईटम, मिठाई के डिब्बों के चारों ओर लपेटने वाली फिल्म, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट की पैंकिंग में उपयोग होने वाली प्लास्टिक व 100 माइक्रॉन से कम मोटाई के बेनर्स और स्टिरर शामिल हैं। इनके निर्माण एवं क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित किया है।

डॉ. एमएल पटेल अधीक्षण यंत्री मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और इसके विकल्प के बारे में बताया। संचालक इको प्रो इंवायरमेन्टल सर्विसेज अजय जैन ने नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम और नगरीय ठोस अपशिष्ठों के उपलब्ध तकनीको के संबंध में बताया।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनूप चतुर्वेदी ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांस्बिलिटी के तहत ब्रांड ओनर तथा प्रोड्यूसर की जिम्मेदारियों, मार्केट में उनके उत्पादों के लिए उपयोग होने वाले प्लास्टिक की मात्रा के बराबर प्लास्टिक अपशिष्ठों का संग्रहण के बारे में जानकारी दी।

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