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मामला सवा 200 करोड़ की जमीन का:मुख्य आरोपी सुधीर पर 10 हजार का इनाम, अन्य की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार का इनाम घोषित

धार9 महीने पहले
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जांच करते हुए अधिकारी - Dainik Bhaskar
जांच करते हुए अधिकारी

जनकल्याण हितार्थ के लिए दी गई सवा 200 करोड़ की भूमि की अफरा-तफरी करने के मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने करीब 26 नामजद सहित एक संस्था के लोगों पर मामला दर्ज किया है। जिसमें 4 आरोपी सुधीर दास और विवेक तिवारी, सुधीर जैन और शालिनी दास पर समान धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त शेष आरोपियों 420, 406 और 120 बी की धाराएं लगाई गई है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं शेष 14 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्य आरोपियों में शामिल सुधीर जैन पर 10 हजार और शेष 13 आरोपियों पर 5-5 हजार का इनाम घोषित किया है। जैन की गिरफ्तारी के लिए क्राईम ब्रांच ने सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया है।

आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
28 नवंबर को पुलिस ने एक शिकायत में जांच के बाद करोड़ों की भूमि की अफरा-तफरी के मामले में प्रकरण दर्ज किया था। मामले में गिरफ्तार 13 लोग अभी जेल में है। वहीं मुख्य आरोपियों में शामिल शहर के सीनियर अधिवक्ता विवेक तिवारी की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज हो गई है। तिवारी के अतिरिक्त महिलाएं शालिनी दास, सरिता जैन, रचना शुक्ला की जमानत याचिकाएं भी खारिज हो गई है। न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह गुर्जर की कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तिवारी सहित अन्य लोगों की जमानत याचिका को लेकर दो हिस्सों में करीब तीन घंटे तक दलीलें दी। इसके बाद शासन की ओर से लोक अभियोजक कैलाश चंद्र यादव सहित उनकी पूरी टीम ने जमानत ना देने को लेकर अपना पक्ष रखा। इसके पश्चात जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

नपा से मांगा निर्माण और कर रिकार्ड
पुलिस इस केस को प्रत्येक तरीके से पुख्ता बनाने के लिए छोटी से छोटी जानकारी जुटा रही है। इस तहत पुलिस ने नगरपालिका से संपत्तियों की निर्माण अनुमति संबंधी जानकारी मांगी है। दरअसल, 1 ही भूखंड को अलग-अलग खंड में विभाजित करके आरोपियों द्वारा क्रय किया गया था। इस दौरान नगरपालिका ने निर्माण अनुमतियां भी जारी की है। किन आधारों पर अनुमतियां जारी की गई। बगैर अनुमति कौन से निर्माण है। कौन-कौन संपत्तियों का टैक्स दे रहे हैं। इस बारे में जानकारी मांगी गई है। फिलहाल नगर पालिका में संपत्ति कर करीब 37 लोगों द्वारा जमा किया जा रहा है, लेकिन रिकार्ड में मूल पार्टी ट्रस्ट है। इस मामले में गिरफ्तार कई लोगों ने स्वास्थ्य खराब होने की बात कही है। जिसके बाद सोमवार को करीब 4 लोगों का मेडिकल चैकअप किया गया था। चिकित्सकीय उपकरणों से जांच हेतु इन्हें जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से इन्हें पुन: स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की जांच रिपोर्ट गुरुवार दोपहर तक आएगी।