पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Dhar
  • 12 Patients Reached Home After Being Healthy, 4 More Cases Were Found, The Team Reached The Village, Larvae Found In Tanks At 3 Places In Panchayat And Khakhar Locality

खिलेड़ी में डेंगू का प्रकोप:12 मरीज स्वस्थ हाेकर घर पहुंचे, 4 केस और मिलने पर टीम गांव पहुंची, पंचायत व खाेखर माेहल्ले में 3 जगह टंकियाें में मिला लार्वा

खिलेड़ीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
खिलेड़ी. टीम ने घराें के बाहर रखी पानी की टंकियाें में लार्वा सर्वे किया। - Dainik Bhaskar
खिलेड़ी. टीम ने घराें के बाहर रखी पानी की टंकियाें में लार्वा सर्वे किया।
  • 15 दिन में 15 से अधिक मरीज मिले, धार के निजी अस्पतालाें में चल रहा उपचार

कोरोना संक्रमण के बाद गांव में डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। खिलेड़ी के 15 से अधिक डेंगू के मरीजों का इलाज धार के निजी अस्पतालों में चल रहा था। इसमें से 12 मरीज स्वस्थ होकर घर पहुंच गए। चार नए मरीज ओर सामने आए, जाे धार के निजी अस्पतालाें में उपचाररत हैं।

इसकी सूचना पर जिला मलेरिया अधिकारी व टीम गांव पहुंची। ग्रामीणाें के घराें के बाहर रखी पानी की टंकियाें में लार्वा सर्वे कर घर-घर मरीजाें के बारे में पूछताछ कर दवाई का छिड़काव कराया। हालांकि टीम काे गांव में नया मरीज नहीं मिला। दरअसल बीते दिनाें शिव काॅलाेनी मोहल्ले में 10 से अधिक डेंगू के मरीज मिले थे। जाे धार के निजी अस्पतालाें में उपचार कराने गए थे। जाे स्वस्थ हाेकर गांव लाैट गए थे। शुक्रवार काे फिर धार के अस्पतालाें में 4 नए मरीजाें की पुष्टि हाेने के बाद जिला मलेरिया विभाग अधिकारी धर्मेंद्र जैन, जिला मलेरिया सलाहकार खेमचंद कटारे, आशा सहयोगिनी कौशल्या गोपाल पाटीदार, आशा कार्यकर्ता मयूरी पंवार आदि ने गांव में सर्वे किया।

डेंगू से पीड़ित मरिजाें के घर पहुंच कर जानकारी लेकर अन्य सदस्याें के बारे में पूछताछ की। वहीं टीम ने गांव में घरों के बाहर रखी पानी की टंकी, हाेद, टेंक में लार्वा सर्वे किया। इसमें पंचायत व खोखर मोहल्ले में तीन जगह घरों के बाहर बनी पानी की टंकी में बड़ी मात्रा में लार्वा मिला। टीम ने दवाई का छिड़काव कर घर के सदस्यों को साफ-सफाई की जानकारी दी गई।

जिला मलेरिया अधिकारी जैन ने बताया गांव में कई जगह ग्रामीणाें ने घराें के बाहर टंकियाें में पानी एकत्र किया जा रहा। पानी काे एक सप्ताह से ज्यादा एकत्र न हाेने दे। बेकार पड़ी वस्तुओं काे भी ऐसे रखे कि उसमें पानी जमा न हाे। जमा पानी में भी डेंगू का लार्वा हाेता है।

ग्रामीणों को मच्छरदानी लगाकर साेने की सलाह भी दी। टीम ने मरीजाें के माेहल्ले में दवाई का छिड़काव कराया। ग्रामीणों ने पूरे गांव में मलेरिया की दवाई का छिड़काव करने की मांग की है।
सही जानकारी नहीं मिलने से आती है परेशानी
आशा सहयोगिनी पाटीदार ने बताया गांव में किल काेराेना अभियान के बाद से समय-समय पर सर्वे किया गया। मगर कई मरिजों ने अभी तक हमें इलाज की रिपोर्ट नहीं दी गई। जब मरीज के घर जाते है ताे सही जानकारी नहीं दी जाती। इससे भी परेशानी का सामना करना पड़ता। नतीजा जब तक गांव में बीमारी फैल जाती है। यदि ग्रामीण सही समय पर सूचना देते है ताे कुछ हद तक इस पर नियंत्रण किया जा सकता है।

खबरें और भी हैं...