पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अच्छी आवक नहीं:राेजाना ले रहे 90 एमएलडी पानी, बारिश नहीं हुई तो सिर्फ दिसंबर तक हो सकेगी आपूर्ति

धार6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दिलावरा डेम में पानी की आवक अच्छी नहीं हाेने से किनारे उभर आए। - Dainik Bhaskar
दिलावरा डेम में पानी की आवक अच्छी नहीं हाेने से किनारे उभर आए।

शहर के पेयजल का मुख्य स्राेत दिलावरा डेम में पानी की अच्छी आवक नहीं हाे पाई है। 24.1 इंच बारिश हाेने से 5.68 एमसीएम (मीलियन क्यूबिक मीटर) के डेम में 2.64 एमसीएम पानी बचा है। नपा द्वारा यहां से राेजाना 90 एमएलडी पानी लिया जा रहा है। गत वर्ष 38 इंच बारिश हाेने से डेम ओवरफ्लाे हाे चुका था। इस बार डेम के किनारे उभर आने से जंगली घास फैल गई। नपा अधिकारी इस पानी काे भी पर्याप्त बताते हुए दिसंबर तक की पूर्ति करना बता रहे है।

इसके साथ ही 1.7 एमसीएम वाले सीतापाट तालाब से भी 0.7 एमसीएम पानी बचा है। यहां से भी 70 एमएलडी पानी लेकर शहर में दाे दिन छाेड़कर सप्लाय किया जा रहा है। दाेनाें जगह से आपूर्ति हाेने से नयापुरा तालाब से पानी लेना बंद कर दिया है। शहर के 30 वार्डाें में 10 हजार 428 वैध नल कनेक्शन हैं।

पश्चिमी क्षेत्र की 45 प्रतिशत आबादी में मतरकुंड से होता है सप्लाई
दिलावरा पेयजल याेजना के पूर्ण हाेने के 6 साल बाद भी मतरकुंड पर निर्भरता खत्म नहीं हुई। शहर की पश्चिमी क्षेत्र की 45 प्रतिशत आबादी में पुरानी लाइन से ही पेयजल सप्लाय किया जाता है, जो इससे जुड़ी है। स्टेट शासन के दौरान 1939 में बने मतरकुंड फिल्टर प्लांट से शहर में पेयजल सप्लाय होता आ रहा है।

कई बार योजनाएं बनीं लेकिन मतरकुंड का विकल्प नहीं मिल पाया। नयापुरा तालाब व स्थानीय दाे बाेरिंग का पानी मतरकुंड में गिराया जाता है और पुराने फिल्टर प्लांट से साफ कर पश्चिमी शहर को सप्लाय करते हैं। भाेजशाला क्षेत्र, देवीजी तालाब किनारे की पट्टी, बस स्टैंड से गांधी काॅलाेनी का क्षेत्र, गुरुनानक मार्ग, चिटनीस चौक ऊपर और नीचे, खड़ीकर गली, ब्राह्मणपुरी, लालबाई माता मंदिर वाली गली के रहवासियों को पानी मिलता है। यहां तीन साल पूर्व पुरानी लाइन को डिस्ट्रीब्यूशन लाइन से जोड़ देने के बाद से लोगों को प्रेशर से पानी मिलने लगा हैं।

नपा के शहर में हैं 228 हैंडपंप और 163 बाेरिंग
तालाबाें के अलावा नपा के पास शहर में 228 हैंडपंप और 163 बाेरिंग भी हैं। इसमें से 65 हैंडपंप व 41 बाेरिंग अभी बंद हाे चुके थे। हालांकि सितंबर माह में हुई बारिश के बाद इनके शुरू हाेने की बात अधिकारी कह रहे है। बारिश की खेंच के चलते प्रमुख पेयजल स्रोतों में भी पानी की आवक नहीं हाेने से सीतापाट तालाब में कम ही काफी पानी बचा है। जबकि नयापुरा में पानी की आवक नहीं हुई है। जहां से गर्मी के दिनाें में ही पानी लिया जाता है। दीनदयालपुरम, अन्नपूर्णा काॅलाेनी, शुक्ला काॅलाेनी सहित अन्य जगह अभी भी टैंकराें से पानी भेजा जा रहा है।

रोज 1 कराेड़ लीटर की खपत
नपा के सब इंजीनियर राकेश बैनल ने बताया शहर में एक कराेड़ लीटर पानी की प्रतिदिन की खपत हाेती है। ब्रह्माकुंडी, चाणक्यपुरी, महेश नगर, शुक्ला काॅलाेनी में लाइन डालकर कनेक्शन दिए जा रहे है। यहां सप्लाय शुरू करने के बाद डिमांड बढ़ जाएगी। प्रमुख तालाबाें में पर्याप्त पानी है। शहर में दाे दिन छाेड़कर सप्लाय कर रहे।

खबरें और भी हैं...