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देवउठनी एकादशी:5 माह बाद 25 को जागेंगे देव, गूंजेंगी शहनाई

धार11 दिन पहले
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  • तुलसी-सालिग्राम विवाह के साथ शुरू हाेंगे मांगलिक कार्य, 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक 9 मुहूर्त

देवउठनी एकादशी 25 नवंबर को है, इस साल चातुर्मास के साथ अधिकमास होने से पांच माह बाद देव बुधवार को जागेंगे तो एक बार फिर शहनाइयां गूंजेगी। बुधवार को तुलसी-सालिगराम विवाह के साथ शुरू होने वाले शुभ मुहूर्त 11 दिसंबर तक रहेंगे।

इस दौरान 9 शुभ मुहूर्त है, जिसमें नवंबर में तीन और दिसंबर में 6 है। इस माह सबसे महत्वपूर्ण 25 को अबूझ मुहूर्त है, इस दिन जिसके लग्न का मुहूर्त नहीं निकल रहा हो उसका विवाह भी इस अबूझ मुहूर्त में करने से शुभ फलदायी माना जाता है।

शहर सहित अंचल में देव उठनी एकादशी के लिए मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई है। देव उठने के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। अधिकमास और चातुर्मास के चलते 5 माह से मांगलिक कार्याे पर लगी रोक हट जाएगी। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना हाेगी।

पहले मुहूर्त का गणेशजी के दिन बुधवार से श्रीगणेश होगा और 11 दिसंबर काे अंतिम शुभ मुहूर्त होने के बाद फिर विवाह आदि मांगलिक कार्याे पर रोक लग जाएगी। क्योंकि 16 दिसंबर से मलमास (खरमास) प्रारंभ हो जाएगा। जबकि 12 से 15 दिसंबर के बीच मुहूर्त नहीं है, ऐसे में 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक 16 दिन में 9 दिन ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है।

इसके बाद यह रोक 24 अप्रैल 2021 को हटेगी। ऐसा ग्रहों के अस्त होने व खरमास (मलमास) होने के कारण होगा। पं. विश्वनाथ शुक्ल ने बताया कि शादी, सगाई और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ महिना, तिथि, वार, नक्षत्र और शुभ दिन का विचार किया जाता है। वर, वधु व मांगलिक कार्य कर रहे व्यक्ति की राशि के हिसाब से शुभ मुहूर्त निकलता है।

नवंबर में 3, दिसंबर में 6 दिन मुहूर्त: 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन विवाह का मुहूर्त है। यह दिन सर्वसिद्ध मुहूर्त है और इस दिन विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है। बिना मुहूर्त के भी इस दिन विवाह किया जा सकता हैै। इसके बाद 27 व 30 नवंबर को मुहूर्त रहेगा। दिसंबर माह में 1, 2, 7, 8, 9 और 11 तारीख को विवाह के मुहूर्त रहेंगे। मान्यता है कि यदि मुहूर्त नहीं है तो पाती के लग्न लिखाकर भी विवाह कार्य होते है।

24 अप्रैल 2021 को रहेगा पहला मुहूर्त

पं. शुक्ल के अनुसार 15 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में आ जाएगा और 16 दिसंबर से मलमास शुरू हो जाएगा। जो 14 जनवरी 2021 तक रहेगा। इसके बाद 19 जनवरी को गुरु तारा अस्त हो जाएगा और 16 फरवरी तक अस्त ही रहेगा। खरमास और गुरु ग्रह अस्त होने पर विवाह नहीं होते हंै। इस कारण 11 दिसंबर के बाद अगले 4 महीने तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। हालाकि इस बीच में सिर्फ 16 फरवरी को बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त रहेगा।

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