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देरी से दिख रहे कोरोना के लक्षण:जब तक पता चलता है कोरोना हुआ, तब तक कई अंगों को हो जाता है नुकसान

धारएक महीने पहले
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धरावरा काेविड केयर सेंटर पर मरीज के परिजन का सैंपल लेते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
धरावरा काेविड केयर सेंटर पर मरीज के परिजन का सैंपल लेते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
  • कोरोना से ठीक होने लगता है मरीज और चली जाती है जान, डॉ. भंडारी ने बताया कारण
  • मरीज नहीं हो पाता रिकवर, किडनी, हार्ट और फैफड़े में होता है ज्यादा नुकसान

कोरोना से माैतें नहीं रुक रही है, लेकिन हाल ही में ऐसे मामले भी सामने आए हैं। जब मरीज संक्रमण से ठीक होने लगता है और अस्पताल से छुट्‌टी तक होने वाली होती है लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ती है और उसकी मौत हो जाती है। दो मामलों के बारे में भास्कर ने जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. संजय भंडारी को बताया तो उन्होंने इसका कारण समझाया।

डाॅ. भंडारी कहते हैं वायरस जितने समय तक शरीर में रहता है। वह शरीर के अंदरूणी अंग फैफड़े, लीवर, किडनी, हार्ट आदि काे गंभीर रूप से क्षति पहुंचा चुका हाेता है। यदि काेई पुरानी बीमारी, बीपी, शुगर या अन्य बीमारी है या मानिसक तनाव आ जाता है ताे इन अंगाें की कार्यप्रणाली का संतुलन बिगड़ जाता है। अस्पताल में मरीज ठीक होने लगता है लेकिन इन अंगों को इतना नुकसान हो चुका होता है कि मरीज की मौत हो जाती है।

ये करें- शुरुआती दिनाें से ही वायरस नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इसलिए जल्द से जल्द उपचार करना जरूरी है। पाैष्टिक भाेजन, याेगासन व नियमित रूप से भांप या फल और प्राेटीनयुक्त चीजें लेते रहना चाहिए ताकि इस वायरस काे जल्द से जल्द निष्क्रिय किया जा सके या नुकसान काे कम किया जा सके।

मरीजाें के परिजन भी निकल रहे हैं पाॅजिटिव, दाे दिन में 23

गुुरुवार काे धार में चार माैतें हुई, इनमें तीन संदिग्ध और एक पाॅजिटिव ने दम ताेड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने काेविड केयर सेंटर धरावरा, जिला अस्पताल और डीआरपी लाइंस में भी मरीज के परिजन के सैंपल लेना शुरू किए हैं। यहां दाे दिन में 23 पाॅजिटिव सामने आए हैं। गुरुवार काे धरावरा में 9 सैंपल में से 3 पाॅजिटिव आए, डीआरपी लाइंस में 20 में 4 पाॅजिटिव आए। इसी प्रकार बुधवार काे धरावरा में 38 में से 12 और जिला अस्पताल में 14 में से 4 मरीज के परिजन संक्रमित पाए गए।

6 दिन भर्ती रही, बुधवार काे ठीक हाे गई थी, गुरुवार काे दम ताेड़ दिया

यमी बाई पति शंकरराव चव्हाण 55 साल निवासी नारायणपुरा काे दस्त-उल्टी हाेने पर 30 अप्रैल काे भर्ती किया गया था। भतीजे ललित चव्हाण ने बताया कि रिपाेर्ट निगेटिव थी, लेकिन संदिग्ध मानकर काेविड आईसीयू-2 में भर्ती किया था। मंगलवार काे पल्स और ऑक्सीजन लेवल कम हाेने लगा था। सांस लेने में परेशानी आ रही थी, इस पर उन्हें ऑक्सीजन भी दी गई थी। इलाज से बुधवार काे ठीक हाे गई थी। दिन में सभी से बात भी की। सब ठीक था, हमें लगा कि एक दो दिन में छुट्‌टी हो जाएगी लेकिन अगले दिन सुबह 4 बजे उनका देहांत हाे गया।

15 दिन तक भर्ती रही पत्नी, खाना खाने लगी थी, लेकिन अचानक वह नहीं रही

हैप्पीविला काॅलाेनी के राहुल परमार ने बताया कि जिला अस्पताल के आईसीयू में पत्नी रजनी को 18 अप्रैल काे भर्ती किया गया था। उसकी उम्र 31 साल ही थी। अस्पताल में खुद ही उसके साथ पूरे समय तक रहा। उसकी तबीयत ठीक हाेने लगी थी। वह ठीक से खाना खाने के साथ ही बात भी करने लगी थी। यहां तक की उसने कहा था कि अब घर जाना है, लेकिन 3 मई काे अचानक उसकी मृत्यु हाे गई। फिलहाल मैं भी क्वारेंटाइन हूं।

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