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रावण दहन:6 बजकर 15 मिनट पर श्रीराम के तीर चलाते ही जलकर ध्वस्त हुआ 15 फीट रावण का पुतला

धारएक महीने पहले
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विजयादशमी पर साेमवार काे किला मैदान व दशहरा मैदान में रावण के पुतले का दहन हुआ। काेराेना की वजह से इस साल रावण दहन करीब दाे घंटे पहले हाे गया। नाैगांव में समिति द्वारा निर्धारित समय शाम 6.15 बजे कलयुगी राम सिविल इंजीनियर देवेश माली के तीर चलाते ही रावण 15 फीट ऊंचे रावण का पुतला जल गया।

दशहरा मैदान में नपा द्वारा 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। साेशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए समिति ने मैदान में चूने व स्टेडियम की पेढ़ियाें पर कागज पर गाेले के निशान बनाकर चिपकाए। स्टेडियम में एंट्री से पहले स्क्रीनिंग की गई, मास्क वालाें काे ही प्रवेश दिया गया। गाइडलाइन का पालन कराने के लिए समिति ने अपने सदस्य गेट पर खड़े थे।

भाषण में श्रीराम गाथा की बजाए काेराेना से बचाव की हिदायत : काेराेना ने रावण दहन आयाेजन का स्वरूप बदल दिया। हर साल 8 से 9 बजे के बीच रावण दहन हाेने से पहले भाषण हाेते थे। श्रीराम गाथा का वर्णन और रावण के अहंकार से परिचित कराया जाता था। इस बार मास्क, सैनिटाइजेशन, साेशल डिस्टेंसिंग रखने की हिदायत दी गई। श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जीप रूपी रथ में सवार हाेकर आए। बैंड नहीं था ताे जीप की लगी टेप पर राम धुन बजाई गई।

राम, लक्ष्मण, हनुमान का रूप धरने वाले तीनाें सगे भाई

पिछले सात सालों से रावण दहन देवेश माली (राम), पीयूष हाराेड (लक्ष्मण) व हिमांशु हाराेड (हनुमान) कर रहे हैं। तीनों युवा सगे भाई हैं । आपकाे बता दें कि राम और लक्ष्मण बनने वाले देवेश व पीयूष इंजीनियर है। हनुमान के किरदार में हिमांशु डाॅक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं।

नवरात्र से ही इनके दादा जगन्नाथ माली तीनाें भाइयों काे देव रूप देने में जुट जाते हैं। रावण दहन कर रहे तीनाें भाइयों ने भास्कर से चर्चा में कहा- इस बात का दु:ख है कि हम विजय पर्व हर साल की तरह नहीं मना रहे हैं। अभी सावधानी बरतेंगे ताे तय है कि अगले साल अहंकारी रावण के साथ काेराेना रूपी रावण के दहन का भी उत्सव मनाएंगे।

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