कोरोना इफैक्ट / सोशल मीडिया पर करा रहे स्वयं भू व्यंकटेश बालाजी के दर्शन

Balaji's own philosophy on social media
X
Balaji's own philosophy on social media

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 07:40 AM IST

धार. नगर के स्वयं भू श्री व्यंकटेश बालाजी का मंदिर नगर के हृदय स्थल पुराने बस स्टैंड पर है। जहां प्रतिदिन सैकड़ों दर्शनार्थी नियमित रूप से आते थे। लॉकडाउन के चलते दाे माह से मंदिर भक्तों के लिए बंद है। प्रतिदिन प्रातः काल आरती से ही सैकड़ों भक्तों का दर्शन के लिए तांता लगा रहता था। अब भक्त मंदिर नहीं जा पा रहे हैं। 
इसके चलते नगर के राजेश पारीक प्रतिदिन वाट्सएप पर सभी को दर्शन व आरती से लाभांवित कर रहे हैं। भक्तों को मोबाइल के माध्यम से घर पर ही दर्शन कराए जा रहे हैं।  
मंदिर के महंत पं. सुनील महाराज यथा समय नियम पूर्वक मंगलवार व शुक्रवार को अभिषेक व नियमित पूजा, अर्चना, शृंगार व आरती कर रहे हैं। जिसकी पूरी व्यवस्था मंदिर कमेटी के माध्यम से मुख्य व्यवस्थापक अनिल गर्ग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। 
एक शताब्दी पूर्व महज 1500 की आबादी वाले धामनोद में निवासरत संत सितारीदासजी को स्वप्न अाने के बाद यह बात तत्कालीन धार रियासत के अानंद राव पवार काे बताई थी। पवार के निर्देशन में नगर के वरिष्ठ किशन मालू ने मंदिर का निर्माण शुरू कराया। नर्मदा किनारे धरमपुरी से व्यंकटेश बालाजी की प्रतिमा निकाल कर मंदिर बनने के बाद प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। 

तिरुपति स्थित व्यंकटेश बालाजी की मूर्ति के बाद देश में संभवत: यह दूसरी प्रतिमा
तिरुमला तिरुपति देवस्थान ट्रस्ट ने करीब 50 वर्ष पूर्व मंदिर के संचालन की व्यवस्था अपने हाथों में लेने की इच्छा प्रकट की थी। किंतु नगरवासियों ने इस व्यवस्था को अपने हाथों में ही रखा। बुजुर्गों की मान्यता है कि तिरुपति स्थित व्यंकटेश बालाजी की मूर्ति के बाद संभवत: यह देश में यह दूसरी मूर्ति है। मान्यता है कि इस प्रतिमा के दर्शन मात्र से कष्टों का निवारण हो जाता है। बालाजी की ही कृपा से धामनोद तहसील व विकासखंड नहीं हाेने के बावजूद जिले को सर्वाधिक राजस्व प्रदान करने वाला नगर है। शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में आसपास के कई जिलों में अग्रणी है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना