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लापरवाही पड़ेगी महंगी:कोरोना संक्रमण शून्य, लेकिन लोगों के चेहरे से मास्क हो गया गायब, यही है खतरे की घंटी

धार16 दिन पहले
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शहर में बिना मास्क के घूम रहे यह लाेग दूसराें के लिए बन सकते है खतरा। - Dainik Bhaskar
शहर में बिना मास्क के घूम रहे यह लाेग दूसराें के लिए बन सकते है खतरा।
  • स्वास्थ्य विभाग भी हुआ शिथिल, ढाई महीने से पाेर्टल पर माैत का आंकड़ा एक जैसा

धार जिला वैसे ताे काेराेना से मुक्त हाे गया है, लेकिन दूसरी ओर लाेगाें के चेहराें से मास्क गायब हाे गया है। अधिकांश लाेग काेराेना काे खत्म मानकर लापरवाही कर रहे हैं। शहर में कहीं भी न ताे साेशल डिस्टेंसिंग का पालन हाे रहा है और न ही मास्क लगाने काे लेकर गंभीरता दिखा रहे हैं।

बाजार और सार्वजनिक स्थानाें पर घूमने वाले में 75 से 100 लाेग ऐसे हाेते हैं। दूसरी ओर मात्र 12 दिन में बगैर मास्क के घूमने वाले 1100 लाेगाें के सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने लिए हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि इनमें से काेई संक्रमित सामने नहीं आया है।

दूसरी ओर डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए धार से आठ लाेगाें के सैंपल अहमदाबाद की लैब में भेजे गए थे, उनकी रिपाेर्ट भी निगेटिव आई है। इसके बाद भी तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। क्याेंकि पड़ाेसी जिले रतलाम और उज्जैन में डेल्टा के मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने भी धार आगमन के दाैरान तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की थी। भास्कर की लाेगाें से अपील है कि अभी भी समय है संभल जाए, नियमाें का पालन करें ताकि हमें फिर से तीसरी लहर का दंश न झेलना पड़े।

महाराष्ट्र और गुजरात से आने-जाने वालाें से खतरा

तीसरी लहर की आशंका ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने 4 जुलाई से अब तक 12 दिन में शहर के प्रमुख चाैराहाें व बाजार में बिना मास्क के घूमने वाले 1100 लाेगाें के सैंपल लिए हैं।

धार जिले से महाराष्ट्र, गुजरात आने-जाने वालों की वजह से तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। क्याेंकि महाराष्ट्र में डेल्टा वैरिएंट के मरीज बढ़ने लगे हैं। यह वायरस तेजी से एक-दूसरे काे संक्रमित कर देता है। महाराष्ट्र के अलावा गुजरात से भी संक्रमण आने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन जिस तरह से लाेग लापरवाही बरत रहे हैं उससे संक्रमण फिर से जिले में दस्तक दे सकता है।

जिले में इन क्षेत्राें से हाेता है कोरोना संक्रमण का प्रवेश

जिले में सबसे पहले राजगढ़, सरदारपुर, बदनावर, कुक्षी और उसके बाद धार शहर में मरीजों की संख्या बढ़ती है। पहली और दूसरी लहर के आने पर भी संक्रमण ने इसी तरह प्रवेश किया था। जिले में इंदाैर गुजरात और महाराष्ट्र से संक्रमण फैलता है। गुजरात और महाराष्ट्र से आर्थिक गतिविधियां अधिक हाेने से लाेगाें का आना-जाना लगा रहता है। जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डाॅ. संजय भंडारी का कहना है कि नियमाें का पालन जरूर करें।

जिले का रिकवरी रेट 98.96 %

शहर व जिले में अब तक 12529 लाेग संक्रमित हाे चुके हैं। वहीं अब तक 2 लाख 12 हजार 538 लाेगाें के सैंपल लिए गए हैं। इनमें 2 लाख 3 हजार 261 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव आई। वर्तमान में एक भी संक्रमित नहीं है। 24 घंटे में आई रिपाेर्ट में भी 1151 निगेटिव पाए गए। जिले का रिकवरी रेट 98.96 प्रतिशत है। पिछले सात दिन में मास्क नहीं लगाने व साेशल डिस्टेंस का पालन नहीं करने वाले 415 पर कार्रवाई कर 41500 रुपए का राजस्व भी वसूला।

डेल्टा प्लस वैरिएंट काे लेकर राहत

आसपास के जिलाें में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीज सामने आने के बाद से जिले में भी अलग-अलग क्षेत्र से पेट में दर्द, सिर में दर्द, बाल झड़ना, दस्त और उल्टियां हाेने वाले आठ मरीजाें के सैंपल लेकर अहमदाबाद भेजे गए थे। डाॅ. भंडारी के अनुसार इनकी रिपाेर्ट निगेटिव आई है।

पाेर्टल पर माैत का आंकड़ा अपडेट नहीं, 13 दिन पहले मिला था अंतिम संक्रमित

गत दिनाें प्रभारी मंत्री द्वारा ली गई विभागीय समीक्षा बैठक में माैताें के आंकड़े काे लेकर मामला उठने के बाद भी शासन के पाेर्टल पर अप्रैल के बाद से इसे अपडेट नहीं किया गया है। बुलेटिन में आज भी जिले में 130 माैत काेराेना से बताई जा रही है। मुक्तिधाम में काेराेना प्राेटाेकाल के तहत इससे कहीं ज्यादा अंतिम संस्कार हाेकर नपा से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हुए हैं। बुलेटिन में आखिरी मरीज 7 जुलाई काे मिला था।

सीधी बात

  • तीसरी लहर आती है ताे जिला अस्पताल में काैन-काैन सी नई सुविधाएं जुटाई गई हैं?

ऑक्सीजन प्लांट तैयार हाे रहा है। 27 डाॅक्टर हाेकर 6 नए डाॅक्टराें की भर्ती हाे चुकी है। मेडिसिन व जरूरी संसाधन के लिए भी शासन का डिमांड भेज दी गई है।

  • अस्पतालाें में जाे बेड बताए जा रहे हैं, वह कम है?

​​​​​नहीं बेड की काेई कमी नहीं है। हमारे पास 100 बेड तक की भी व्यवस्था है।

  • ऑक्सीजन प्लांट व सीटी स्कैन मशीन लगाने में देरी हाे रही है?

एक ऑक्सीजन प्लांट के लिए कम्प्रेशर नहीं आया था, जाे अब आने से एक दाे दिन में लगा दिया जाएगा। सीटी स्कैन मशीन इसी महीने लगेगी।

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