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खुला घूम रहा तेंदुआ:अछाेदा-एकलवारा में दहशत के कारण शाम से पहले ही खेताें से लाैट आते हैं किसान

धार20 दिन पहलेलेखक: कैलाश राठाैर
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वह जंगल जहां लगाया गया है पिंजरा। - Dainik Bhaskar
वह जंगल जहां लगाया गया है पिंजरा।
  • ग्रामीणों की मांग-एनवीडीए-वन विभाग गांव में बागड़ लगा दे तो नहीं घुसेगा तेंदुआ, वे लोग रहेंगें सुरक्षित

मनावर क्षेत्र में नर्मदा का जलस्तर इन दिनाें काफी कम हाे गया है। इससे तेंदुआ परिवार काे घूमने की खुली जगह मिल गई है। नर्मदा किनारे पर बसे अछाेदा और एकलवारा दाे गांवाें के लाेग गत दाे महीने से तेंदुए की दहशत में जी रहे हैं। हालत यह है कि अधिकांश किसान शाम हाेने से पहले ही अपने घराें काे लाैट आते हैं। जाे लाेग रात में गन्ने और केले की फसल की रखवाली के लिए खेताें पर जाते हैं वे अपने साथ बड़ी टाॅर्च और पटाखे ले जाते हैं। काेई भी जंगली जानवर दिखता है ताे पटाखा चला देते हैं।

कुछ सक्षम किसान रात में खेताें पर अपनी जीप खड़ी रखते हैं, कांच चढ़ाकर इसमें बैठकर रखवाली करते हैं। गत दस दिनाें इन दाेनाें ही गांवाें में रखे पिंजरे यहां से हटाकर अन्यत्र रख दिए हैं क्याेंकि तेंदुआ इन पिंजराें में आया ही नहीं। ग्रामीणाें की सबसे बड़ी चिंता नर्मदा के बैक वाटर काे लेकर है, यदि लेवल बढ़ता है ताे तेंदुआ खेताें और जंगलाें से निकलकर ग्रामीण आबादी के नजदीक आ सकता है।
पाड़ी, बकरी और कुत्ताें का कर चुका है शिकार
अछाेदा में 13 जून काे तेंदुआ एक पाड़ी, 20 जून काे बकरी और गांव के कुत्ताें का शिकार कर चुका है। यहां तक की कभी जंगली सूअर, नीलगाय, लकड़बग्घे काे अपना निवाला बनाया। ग्रामीणाें का कहना है कि पहले गांव में रात के समय में कुत्ताें की भाैंकने की आवाजें आती थी, लेकिन एक महीने से कुत्ताें के भाैंकने की आवाज आना बंद हाे गई है। गांव में करीब 15 से 20 कुत्ते थे, लेकिन अब एक ही बचा है। कुत्ते काे तेंदुए का प्रिय भाेजन माना जाता है।
जानें तेंदुआ प्रभावित दाे गांवाें में कैसे जी रहे हैं लोग

अछाेदा : अछोदा नर्मदा के बैक वाटर के कारण तीन ओर से घिर जाता है। मात्र एक ओर से आने-जाने का रास्ता रहता है। न पशुओं को चराने ले जा सकते हैं और न ही रात में चैन से सो सकते हैं। 55 घरों की यह बस्ती डूब क्षेत्र में होने के बाद भी मुआवजे से वंचित है। 2 माह से तेंदुए के खाैफ में खेतों में जाना मुश्किल हो गया है। गांव से मात्र 50 मीटर की दूरी तक तेंदुआ आ जाता है। किसान दादूसिंह तोमर ने बताया शाम होने से पहले ही लोग खेत से घर आ जाते हैं। गांव में अब कुत्ते भी नहीं बचे, तेंदुए ने मार डाला।

एकलवारा : एकलवारा 110 परिवाराें की बस्ती हैं जिसे नर्मदा डूब क्षेत्र से बाहर बता दिया है। यह गांव अत्यधिक वर्षा होने के कारण तीनों ओर से बैक वाटर घिर जाता है। एक रास्ता पानी में जल मग्न हो जाता है। गन्ना और केले की फसलाें की वजह से क्षेत्र जंगल जैसा नजर आता है। किसान शिवराज ने बताया उसने जंगली सूअर के पीछे तेंदुए और उसके परिवार को भागते देखा था। उसी स्थान पर कई दिनों तक पिंजरा लगाया गया। लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। किसान मुकेश मंडलोई बंद जीप में खेत की रखवाली करते हैं।

तेंदुए के अलावा मगरमच्छ से भी है खतरा
नर्मदा के बैक वाटर से अछाेदा और एकलवारा का एक बहुत बड़ा क्षेत्र प्रभावित हुआ है। बैक वाटर के कारण मगरमच्छ कई स्थानों पर देखे जा सकते हैं। वर्तमान में नीलगाय, जंगली सूअर, तेंदुआ तथा अन्य जंगली जानवर भी यहां पर हैं। बैकवाटर बस्ती के पास तक पानी आ जाता है। ऐसे में नर्मदा का पानी भरने पर तेंदुआ भाेजन की तलाश में ग्रामीण आबादी के पास आ सकता है।

गांव को सुरक्षित करने के लिए बागड़ लगे
अछाेदा और एकलवीरा के ग्रामीणाें का कहना है कि यदि एनवीडीए और वन विभाग मिलकर खुले भूभाग पर बागड़ लगा दें ताे तेंदुआ ग्रामीण आबादी तक नहीं पहुंच पाएगा। अन्य जीव जंतुओं काे राेकने में भी मदद मिलेगी। साथ ही रात के समय में गांव के बाहर या आने वाले रास्ताें पर उजाला भी हाेना चाहिए।

सीधी बात- अक्षय राठाैर,डीएफओ, धार

तेंदुए को पकड़ना ही समस्या का समाधान समस्या का समाधान क्या है? -तेंदुए काे पकड़ना ही एकमात्र समाधान है। अभी तक क्या प्रयास किए? -जिस जगह पर मूवमेंट देखी गई थी वहां पिंजरे लगाए हैं, हमारी टीम अलर्ट पर है। पिंजरे में नहीं आता है ताे क्या करेंगे? - डारटिंग करेंगे, जब खुले क्षेत्र में दिखेगा ताे उसे बेहाेश करने के लिए इंजेक्शन छाेड़ा जाता है, असर हाेने में दस मिनट लगते हैं। क्या पहले इस प्रकार का प्रयास हुआ था? - रालामंडल इंदाैर की टीम तीन दिन क्षेत्र में रही, फिर से टीम काे बुला सकते हैं। ग्रामीणाें और जानवराें की सुरक्षा के लिए क्या कर रहे हैं? - वन विभाग रेंजर व अन्य लाेग वहां लगे हैं, उनके नंबर भी ग्रामीणाें के पास हैं, वे तत्काल सूचना दें, सावधान रहे। क्या बाड़ लगाई जाएगी? - बाड़ सफल नहीं हाे पाएगी, तेंदुए की छलांग अधिक हाेती है, कूद कर भी आ सकता है।

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