आयोजन / शिक्षक, बच्चाें और पालकाें के अनुभवाें पर प्रतियाेगिता करा रहा शिक्षा विभाग, विजेता काे पुरस्कार में मिलेगा प्रमाण पत्र

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  • इसमें बच्चाें से लेकर उनके दादा-दादी या नाना-नानी भी भाग ले सकते हैं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 08:27 AM IST

धार. काेराेनाकाल में घर बैठे पढ़ाई कर रहे बच्चे, पालक और शिक्षकाें से शिक्षा विभाग उनके अनुभवाें पर प्रतियाेगिता करा रहा है। इसमें बच्चाें से लेकर उनके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी भी भाग ले सकते हैं। 
इसी तरह बच्चाें की माॅनिटिरिंग करने वाले शिक्षक भी अपने अनुभव लिखकर भेज सकते हैं। यह प्रतियाेगिता केवल सरकारी स्कूल के बच्चांें, शिक्षकाें व अभिभावकाें के लिए रहेगी। प्रतियाेगिता में विजेता प्रतिभागी काे पुरस्कार स्वरूप राज्य शिक्षा केंद्र की तरफ से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। काेराेना महामारी के कारण पहली बार स्कूल बंद कर बच्चाें काे स्मार्ट फाेन पर शिक्षा प्रदान की गई। बच्चाें की माॅनिटरिंग की जिम्मेदारी शिक्षक व पालक काे दी गई। इस पूरे दाैर में बच्चाें, उनके अभिभावक व शिक्षकाें का अनुभव कैसा रहा। प्रतियाेगिता इसी पर केंद्रित है। इसके तहत प्रतिभागी काे अपने अनुभव लिखकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी वाट्सएप नंबर अपलाेड करना हाेगी। साथ में संबंधित प्रतिभागी का फाेटाे अाैर माेबाइल नंबर भी देना हाेगा। अच्छे अनुभव लिखने वाले प्रतिभागी काे प्रमाण पत्र उसके वाट्सएप पर ही भेजा जाएगा।

घर में रहकर क्या सीखा लिखकर देंगे बच्चे

डीपीसी कमलसिंह ठाकुर ने बताया प्रतियाेगिता पांच चरणाें में हाेगी। इसमें से 17 से 23 मई तक बच्चाें से अपने अनुभव लिखकर मंगवाए गए हैं। इसमें कक्षा 6ठी से 8वीं के बच्चाें के लिए 100 से 150 व 9वीं से 12वीं के बच्चाें काे 200 से 250 शब्द सीमा हाेगी। दूसरे चरण में 24 से 30 मई तक बड़े-बुजुर्गाें काे एक से दाे पेज में अपने अनुभव लिखना हाेंगे। तीसरे चरण में 31 मई से 6 जून तक माता-पिता काे अपने अनुभव एक से दाे पेज में अपने अनुभव लिखना हाेंगे। चाैथे चरण के तहत 7 जून से 13 जून तक बच्चाें काे अपने ये अनुभव लिखकर देना हाेंगे कि उन्हाेंने घर पर रहते हुए क्या सीखा। पांचवे चरण मंे 31 मई से 6 जून तक शिक्षक अपने अनुभव दाे से ढाई पेज में लिखकर दे सकते है। डीपीसी ने बताया प्रतिभागी अपने अनुभव वाट्सएप नंबर 9968556947 पर भेज सकते हैं।

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