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पर्यटन नगरी मांडव में वैक्सीनेशन हुआ:6 दिन के विशेष अभियान में पांच मोबाइल टीम पहुंचीं घर-घर

धार14 दिन पहले
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वैक्सीन लगवाती महिला। - Dainik Bhaskar
वैक्सीन लगवाती महिला।

जिले की पर्यटन नगरी मांडव में 100 प्रतिशत टीकाकरण संपन्न हो गया हैं, हालांकि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को काफी मशक्कत का सामना करना पडा। क्योंकि मांडू जैसी नगरी की भौगोलिक स्थिति अलग है, तथा यहां पर नगरीय क्षेञ के अलावा सबसे अधिक बस्ती फालिये व पहाड़ी क्षेञों पर भी बसी है। ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने के लिए कलेक्टर आलोक सिंह के निर्देशन व सीएमओ डॉ. जितेंद्र चौधरी के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग, स्वास्थ्‍य विभाग व पुलिस अधिकारियों को लेकर एक संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने 6 दिनों की विशेष मेहनत के बाद ही बेहतर परिणाम आ सके है। टीकाकरण के लिए पांच मोबाइल टीमें बनाई गई थीं, जो प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से दोपहर 4 बजे तक वैक्सीन लगने का काम करती थीं। गौरतलब है कि मांडव विश्व पर्यटन स्थल होकर विश्व विख्यात है। इस कारण से प्रशासन का यह प्रमुख टारगेट था कि यहां पर सम्पूर्ण टीकाकरण जल्द हो जाए। सम्पूर्ण टीकाकरण के लिए मांडव नगर परिषद की लक्षित जनसंख्या 7,416 थी। इसमें 18 साल के ऊपर सभी महिला, पुरुषों, बुजुर्गों को टीकाकृत करना था। माह 13 मार्च से सतत टीकाकरण केंद्र बनाकर टीकाकरण किया जा रहा था मांडव में जो कि 80-85% प्राप्त हो पाया था। ऐसे में मांडव की भौगोलिक स्तिथि, घाटियों, पहाड़ी क्षेत्रों व लोगों में जागरूकता की कमी से टीकाकरण पूर्ण नहीं हो पा रहा था। सोशल मीडिया के द्वारा सतत टीकाकरण के फायदों व उससे सम्बंधित वीडियो व ऑडियो संदेशों को जन-जन में प्रसारित किया गया। लोग टीकाकरण केंद्र नहीं पहुंच रहे थे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग में मोबाइल वैक्सीनेशन वाहनों का प्रयोग किया जो क्षेत्र के घर-घर, मंजरों व फलियों में जाकर टीकाकरण करने के लिए दृढ़ संकल्पित थीं।

महिला को वैक्सीन लगाती मोबाइल टीम।
महिला को वैक्सीन लगाती मोबाइल टीम।

ग्रामीणों से क्षेत्रीय भाषा में किया संवाद
जिला महामारी नियंञण अधिकारी डॉ. संजय भंडारी ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों को टीमों में शामिल किया गया जो क्षेत्रीय भाषा में संवाद के माध्यम व विश्वनीयता से लोगों को अंधविश्वास व भ्रम को दूर करते चले गए। वहीं स्कूली बच्चों की जागरूकता रैली निकाली गई। साथ ही हर घर टीका के स्लोगन व अभियान को लेकर कोविड टीकाकरण किया गया व घर-घर टीमें पहुंचीं। उनके पास इमरजेंसी किटें भी थीं, यदि व्यक्ति को टीका लगने के बाद कोई समस्या आए तो उसी स्थान पर निराकरण हो सके। टीम के समन्वय, आत्मविश्वास के कारण कोई भी अपरिहार्य परिस्थिति नहीं बनीं।

टेलीफोन से ली जानकारी
भंडारी ने बताया कि जिला मुख्यालय धार में स्थित कोविड कमांड व कंट्रोल सेन्टर के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों, अन्यत्र काम करने वाले लोगों से टीम ने टेलीफोन से नियमित संवाद कर उनकी टीकाकरण की जानकारी ली एवं उस जानकारी को कोविन पोर्टल से सत्यापित कर उसे अंकित करते चले गए।