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एडमिशन प्रक्रिया:एडमिशन के लिए छात्र के पास यदि जाति प्रमाण-पत्र नहीं तो पिता का भी लगा सकेंगे

धार11 दिन पहले
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  • छात्रों की परेशानी देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने लिया निर्णय

पीजी काॅलेज व जीडीसी काॅलेज में एक अगस्त से एडमिशन प्रक्रिया शुरू हाेगी। इस दौरान अगर छात्र के पास खुद का जाति प्रमाण पत्र नहीं है तो वह पिता के जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकेगा। कोरोनाकाल में लॉकडाउन के चलते कई ऐसे छात्र हैं, जिनके जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाए हैं। ऐसे में छात्रों की परेशानी को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने इस वर्ष पिता का जाति प्रमाण पत्र देने की छूट दी है।

गौरतलब है एडमिशन के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को अपना जाति प्रमाण पत्र देना होता है। लेकिन जिन छात्रों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बना है, उन्हें उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल यह सहूलियत दी है। उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों ने बताया कि अगर आवेदक के पास डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं है तो सक्षम अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी हुए वैध जाति प्रमाण पत्र भी सत्यापन के लिए मान्य किए जाएंगे।

इसके बाद ही छात्र को कॉलेज में दाखिला मिल सकेगा। काॅलेज के प्राे. इंजू खान ने बताया कोरोना संक्रमण न बढ़े इसके लिए पंजीकृत आवेदक के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया कॉलेज में हेल्प सेंटर से ऑनलाइन होगी। कॉलेज एडमिशन के दौरान सभी दस्तावेज स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। सत्यापन के बाद मोबाइल फोन पर इसकी सूचना मिल जाएगी।

कक्षा 12वीं मप्र से की तो मूल निवास प्रमाण पत्र जरूरी नहीं
इतना ही नहीं प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अगर किसी छात्र ने 10वीं-12वीं मध्य प्रदेश से ही की है तो उसे मूल निवास प्रमाण पत्र लगाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन जिस आवेदक ने 10वीं-12वीं अन्य प्रदेश से की है उन्हें मूल निवास प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है, भले ही वह एमपी का ही मूल निवासी क्यों ना हो।

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