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57 दिन बाद खुलेगी मंडी:भीड़ नहीं हाे इसके लिए एक-एक किसानाें काे ही देंगे प्रवेश

राजगढ़9 दिन पहले
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राजगढ़. मंडी में दो माह तक कामकाज बंद रहने से व्यापारियाें की उपज भी बाहर पड़ी हुई। - Dainik Bhaskar
राजगढ़. मंडी में दो माह तक कामकाज बंद रहने से व्यापारियाें की उपज भी बाहर पड़ी हुई।
  • काेराेना संक्रमण के चलते अंचल की बंद मंडियाें में शुरू हाेगा कामकाज

कोरोना संक्रमण के कारण 10 अप्रैल से बंद कृषि उपज मंडी 57 दिन बाद साेमवार काे खुलेगी। मंडी प्रशासन ने तैयारियां कर ली हैं। परिसर में पंजीकृत किसानाें काे प्रवेश देकर मास्क व निश्चित दूरी का पालन करना अनिवार्य रहेगा। मंडी प्रांगण प्रभारी लखन जोशी ने बताया किसानों से उपज खरीदी करने में विशेष ध्यान रखा जाएगा। व्यापारियाें के लिए कुर्सियों पर बैठकर नीलामी में भाग लेने की व्यवस्था की है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को मंडी प्रांगण में खड़ा करवाकर एक-एक ट्राॅली को चाैकीदार द्वारा छोड़ा जाकर उसकी नीलामी की जाएगी। फिलहाल गेहूं एवं सोयाबीन की खरीदी हाेगी। बाद में स्थिति अनुसार इनके लिए अलग-अलग दिन तय किए जाएंगे। किसानों के पास सोयाबीन, गेहूं कम मात्रा में बचा है। ऐसे में मंडी में आवक भी कम होने की संभावना है। गाैरतलब है कि मंडी बंद होने के पहले तक प्रतिदिन 30 से 40 किसान उपज लेकर पहुंच रहे थे। मंडी बंद हाेने से सरदारपुर तहसील क्षेत्र में समर्थन मूल्य 1975 के भाव 6.43 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई। जबकि गत वर्ष तहसील में 6.21 लाख क्विंटल गेहूं सोसायटियों ने खरीदा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकांश किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच दिया। वहीं वर्तमान में सोयाबीन के भाव भी 7500 रुपए प्रति क्विंटल हो गए है। जबकि गत वर्ष अतिवृष्टि के चलते अधिकांश साेयाबीन की फसल खराब हाेकर जाे उत्पादन हुअा था वह किसानाें ने पहले ही बेच दिया। ऐसे में मंडी खुलने से गेहूं, साेयाबीन फसल की आवक कम ही रहने की संभावना जताई जा रही है।

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