निजीकरण का विरोध:बिजली सुधार और वसूली नहीं की, काम का किया बहिष्कार

धार3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
धार. मप्र विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त माेर्चा ने नाैगांव कार्यालय में किया प्रदर्शन। - Dainik Bhaskar
धार. मप्र विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त माेर्चा ने नाैगांव कार्यालय में किया प्रदर्शन।
  • मप्र विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त माेर्चा ने नाैगांव स्थित कार्यालय में किया प्रदर्शन

मप्र विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त माेर्चा के तत्वावधान में शनिवार काे एक दिनी कार्य का बहिष्कार किया गया। बिजली कंपनी के निजीकरण, संविदाकर्मियाें के नियमितिकरण, आउटसाेर्स कर्मचारियाें का कंपनियाें में संविलियन, काेराेना से मृत बिजलीकर्मियाें काे काेराेना याेद्धा घाेषित करने की मांगाें काे लेकर आंदाेलन किया। अधिकारी-कर्मचारियाें ने अत्यावश्यक सेवाओं काे छाेड़कर काेई भी कार्य नहीं किया। इससे शहर में बिजली सुधार व राजस्व संग्रहण का कार्य नहीं हुआ। मप्र विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के संभाग सचिव प्रेम रावल ने बताया अधिनियम दरअसल निजीकरण को बढ़ावा देगा इसलिए विरोध किया जा रहा है। नियमित, संविदा व आउट सोर्स कर्मचारियाें की प्रमुख मांगों के निराकरण के लिए लगातार पत्राचार भी किया जा रहा है। केंद्र सरकार के आश्‍वासन के बावजूद मानसून सत्र में उक्त अधिनियम लाना जनभावनाओं के विपरीत है।

मांगाें काे लेकर शनिवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कलमबंद कार्य का बहिष्कार किया। शहर में आउटसाेर्स के 218 व नियमित 74 कर्मचारी व 35 अधिकारियाें ने काम नहीं किया। जिले में 15 लाेगाें की काेराेना से माैत भी हुई लेकिन उन्हें अब तक काेराेना याेद्धा नहीं मानते हुए परिवार काे किसी तरह का काेई लाभ भी नहीं दिया गया। संयुक्त मोर्चा के क्षेत्रीय सचिव राजेंद्र सिंह चौहान, कार्यपालन यंत्री वीरेंद्र व्‍यास, मोहम्‍मद अनस, सहायक/कनिष्ठ यंत्री कैलाश सोलंकी आदि प्रदर्शन के समय माैजूद थे।

खबरें और भी हैं...