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नियमितीकरण प्रावधान:शहर की 54% आबादी के सामने नामांतरण का संकट, राष्ट्रीयकृत बैंकाें से लाेन भी नहीं मिलेगा

धार11 दिन पहले
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  • हाईकाेर्ट की अापत्ति पर सरकार के नियमितीकरण प्रावधान खत्म करने का असर

हाईकाेर्ट की आपत्ति पर राज्य सरकार द्वारा नियमितीकरण का प्रावधान खत्म करने से शहर की 54 प्रतिशत आबादी के सामने संकट खड़ा हाे गया है। करीब 40 अनियमित काॅलाेनियों में रहने वाले 40 हजार से ज्यादा लाेग प्रभावित होंगे। साथ ही राष्ट्रीयकृत बैंकाें से लाेन नहीं मिलने का भी डर है। हालांकि सरकार नए नियम ताे बना रही है, लेकिन ये कब तक लागू हाेंगे और इसका लाभ इन्हें कब तक मिलेगा ये कुछ नहीं कहा जा सकता।

तीन साल से अटकी है प्रक्रिया : 2017 में सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत शहर की 40 काॅलाेनियाें का नियमितीकरण हाेना था। सरकार के आदेश के पालन में तत्कालीन सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित के कार्यकाल से इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई थी।

इसी बीच दीक्षित का तबादला हाे गया था, उनकी जगह मधु सक्सेना धार नपा सीएमओ बनकर आई। सक्सेना के कार्यकाल में नियमानुसार रहवासी संघाें का गठन करने के साथ बैठक ली थी। नवगठित समग्र काॅलाेनी रहवासी संघाें की 29 समितियाें ने सहमति दी थी कि वे काॅलाेनियां नियमित करने के लिए शुल्क जमा करने काे तैयार हैं।

फिर 2018 में नपा में नई परिषद ने शपथ ली, इसी बाद सक्सेना का भी तबादला हाे गया। तब से लेकर आज तक यह प्रस्ताव नगर पालिका की परिषद की बैठक में नहीं गया। अब अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से काॅलाेनियों काे नियमित करने की प्रक्रिया अधर में ही रह गई।

अवैध और अनियमित काॅलाेनियों की सूची जारी नहीं

नगर पालिका अधिनियम के अध्याय 15 के धारा 339 के अनुसार संबंधित एसडीओ काे हर तीन महीने में अवैध काॅलाेनियाें की सूची जारी करना हाेती है। शहर में करीब 40 अनियमित व अवैध काॅलाेनियां हैं, लेकिन इनमें अवैध व अनियमित काॅलाेनियां कितनी हैं इसकी सूची प्रशासन ने भी जारी नहीं की।

उदाहरण से समझिए समस्या : अपेक्स काॅलाेनी के संजय का लाेन टेकओवर नहीं हाे रहा
अनियमित काॅलाेनी में अपेक्स काॅलाेनी भी शामिल है। काॅलाेनी अनियमित हाेने की वजह से यहां रहने वाले संजय पवार अपना हाेम लाेन टेकओवर नहीं करा पा रहे हैं।

संजय ने बताया 2015 में उन्हाेंने गृह फाइनेंस लिमिटेड से 7 लाख रु. का हाेम लाेन लिया था। जिसका ब्याज 12 प्रतिशत लग रहा था। जबकि दूसरी बैंकाें में 8 प्रतिशत ब्याज दर है। इसलिए वे अपना लाेन दूसरी बैंक में टेकओवर कराना चाहते हैं, लेकिन काॅलाेनी का नियमितीकरण नहीं हाेने से काेई भी बैंक उनका लाेन टेकओवर नहीं कर रही हैं।

वैध और अवैध में अंतर

वैध काॅलाेनी : जाे काॅलाेनाइजर शासन से सभी अनुमतियां प्राप्त करके विधिवत काॅलाेनी निर्मित करता है और नियमानुसार विकास शुल्क जमा करवाकर नगर पालिका काे हैंडओवर कर देता है वाे वैध काॅलाेनी की श्रेणी में आता है।

अवैध काॅलाेनी : जाे काॅलाेनियां शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करके या बिना किसी डायवर्शन प्रक्रिया के अधिकारातीत रूप से विक्रय की जाती है या किसी एक भूखंड काे बिना अनुमति के खंड-खंड में विक्रय की जाती है तथा किसी तालाब, विकास याेजना, खेल मैदान या आमाेद-प्रमाेद के स्थान पर निर्मित की जाती है उन्हें अवैध काॅलाेनी कहा जाता है।

ये 40 काॅलाेनियां जिनका नियमितीकरण हाेना है

वर्ष 2017 में नगर पालिका द्वारा जारी सूची के अनुसार श्रीकृष्ण नगर, बैंकर्स काॅलाेनी, सरस्वती नगर, चाणक्यपुरी, विक्रम नगर, जानकी नगर, कैलाश नगर, दाैलत नगर, पंचशील नगर, भक्तांबर काॅलाेनी, शरद नगर, विनायककुंज, साकेत नगर, शिव शक्ति नगर, क्वींस पार्क काॅलाेनी, सांवरिया नगर, तिरुमाला नगर, त्रिमूर्ति नगर, भाेज नगर, शिव विहार, रामकृष्ण नगर, चिंतननगर, मान हेरिटेज, अपेक्स काॅलाेनी, अन्नपूर्णा नगर, श्रीविहार काॅलाेनी, अभ्युदय काॅलाेनी, शिव विहार एक्सटेंशन, बालाजी नगर, वृंदावन विहार, सांई रेसीडेंसी, महालक्ष्मी नगर, मेसर्स सम्यक, डिवाइन पार्क, हैप्पी विला, ओंकार नगर, इंद्रपुरी, गुलमाेहर, श्री नगर, सांईधाम काॅलाेनी जाे वर्तमान में अनियमित है, जिनकी नियमित करने की प्रक्रिया की जाना है।

नए नियम आने के बाद ही कुछ हाे सकता है

अब सरकार गजट नाेटिफिकेशन कर नया सर्कुलर जारी करेगी। गजट नाेटिफिकेशन में सरकार ने जाे तय किया है वाे जब तक सामने नहीं आ जाता, तब तक कुछ भी कह पाना मुश्किल है। नए नियम में क्या कंटेम्प्स रहेंगे जैसे उसे कैसे क्रियान्वित करना है। वाे नई गाइडलाइन में ही पता चलेगा।

-शैलेंद्रसिंह साेलंकी, एडीएम, धार

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