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कोरोना के साथ एक और चुनौती:अब डेंगू की दस्तक काेद में 30 दिन में 15 और सादलपुर में दाे मरीज सामने अाए

धार8 महीने पहले
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  • लार्वा मिलने के बाद गांवों में पहुंचा स्वास्थ्य अमला

डेगू ने जिले में पैर पसार दिए हैं। सबसे ज्यादा केस काेद में सामने आए हैं। यहां 30 दिन में डेंगू के 15 से अधिक मरीज मिले हैं। जबकि सादलपुर में दाे लाेग डेंगू की चपेट में आए हैं। इधर धामनाेद में भी तीन संदिग्ध मिले हैं। डेंगू के मरीजाें काे देखते हुए धार से बुधवार काे मलेरिया विभाग की टीम इन स्थानाें पर पहुंची। काेद में सात और सादलपुर में दाे जगह लार्वा मिले हैं। साेशल मीडिया के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। चिंता की बात यह है कि काेद में डेंगू के मरीजाें की संख्या में इजाफा हाे रहा है।

लेकिन सर्वे काे लेकर काेई गतिविधि नहीं है। जिले में किट से जांच की जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार किट की जांच मान्य नहीं है। गाैरतलब है कि गत वर्ष भी 30 डेंगू के मरीज मिले थे। इसी तरह धामनाेद में संदिग्ध सामने आए हैं। एक मलेरिया का है। जांच में पाॅजिटिव आने के बाद ही डेंगू माना जाएगा। प्रभारी बीएमओ डॉ. महेंद्रपालसिंह डाबर ने बताया कि प्रायवेट लेब की जानकारी में मरीज का पूरा नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर नहीं दिया जा रहा है जिससे परिजन को खोजने में बहुत समय लगता हैं।

विभाग काे नहीं पता कितने एक्टिव केस, सोशल मीडिया से जुटा रहा जानकारी

कोद में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को यह भी नहीं पता कि कोद में डेंगू के कितने मरीज वर्तमान में एक्टिव हैं। ग्राम पंचायत ने जरूर अपने स्तर पर प्रभावित इलाकाें में धुंआ करवाया है। लेकिन सैंपलिंग और सर्वे पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विभाग को सही आंकड़ा भी अभी पता नहीं है। वह तो इसके लिए भी सोशल मीडिया पर निर्भर है। डेंगू के 8 मरीज बीमार हाेने के बाद ठीक हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के पास इस विषय में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

काेद के खेड़ापति बस स्टैंड क्षेत्र, बड़केश्वर बस स्टैंड, झंडा चौक, माली मंदिर क्षेत्र में कई जगहों पर लगभग 15 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में यहां पर और आम लोगों को डेंगू के मरीजों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। कोद ग्राम पंचायत के सचिव जीवन सिंह डोडिया ने बताया कि डेंगू के मरीज सामने आने के बाद में हमने बाहर से मशीन बुलवाकर अपने स्तर से धुंआ कर रहे हैं।

कोद की एएनएम सुनीता वास्केल बताती है कि 8 लोगों की सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई थी। डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में किया गया और अब वह स्वस्थ होकर घर पर है लेकिन जो लोग एक्टिव हैं, उनकी जानकारी हमारे पास नहीं है। गाैरतलब है कि जमीनी तौर पर कोई सर्वे स्वास्थ्य विभाग नहीं कर पाया है। सोशल मीडिया के भराेसे काम किया जा रहा है। ये स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को बताता है।

सीबीएमओ डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने बताया लाेग निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं इसलिए हमारे पास काेई आंकड़ा नहीं है। सर्वे के लिए एएनएम और आशा कार्यकर्ता काे भेजा था। इसमें आठ लाेगाें काे डेंगू की पुष्टि हुई है।

जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र जैन का कहना है कि डेंगू के मरीज आने की जानकारी मिलने के बाद हमने बुधवार काे सर्वे किया। सादलपुर में दाे और काेद में सात लार्वा मिले हैं। हम लगातार सर्वे कर रहे हैं। लाेगाें काे पानी जमा न हाेने देने सलाह दे रहे हैं।

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