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मामला 247 करोड़ रुपए की जमीन का:फरार मुख्य आरोपी के भाई का पुलिस को मिला रिमांड, कलेक्टर के निर्णय पर रजिस्ट्रियां होंगी शून्य

धार2 महीने पहले
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कोर्ट से आरोपी सुनील को थाने ले जाती पुलिस टीम। - Dainik Bhaskar
कोर्ट से आरोपी सुनील को थाने ले जाती पुलिस टीम।

धार में मिशन एंटी माफिया के तहत 247 करोड़ की भूमि की अफरा-तफरी करने मामले में शिकंजे में आए भू माफियाओं की मुसीबतें बुधवार से बढना शुरु हो जाएगी। पुलिस को जमीन घोटाले के मास्टर मार्इंड सुधीर उर्फ बनी दास के काका कमलाकर दास से गौंड आदिवासी होने के दस्तावेज मिले हैं।

इन दस्तावेजों को पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में दर्ज कर लिया है। काका आदिवासी तो भतीजा भी आदिवासी ही रहेगा। ऐसी परिस्थितियों में विवादित भूमि को आदिवासी होने के बावजूद ईसाई बनकर विक्रय करने के मामले में केस और पुख्ता हो गया है।

38 रजिस्ट्रियां सवालों के घेरे में

दरअसल आदिवासियों की जमीन सामान्य लोगों को विक्रय करने के पूर्व कलेक्टर से 165-6 (क) में अनुमति लेना पड़ती है। इस तरह की अनुमतियां सामान्य परिस्थितियों में नहीं मिल पाती है। यहां से भी षडयंत्र की शुरुआत हुई। इसाई बनकर जमीन के सौदे किए गए। इसमें कलेक्टर की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। वास्तविकता में दास आदिवासी है इसके कारण जाति छुपाकर बगैर सक्षम अनुमति के सौदे के कारण भी रजिस्ट्रियां शून्य घोषित की जा सकती है। अब इस मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई भूमिका भी शुरू होती है।

इस शासकीय जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बेचने के लिए कुल 38 रजिस्ट्रियां की गई हैं, जिसमें कुछ रजिस्ट्री में आरोपी ने स्वयं को पहले आदिवासी व बाद में ईसाई समाज का बनकर कोर्ट से डिग्री ली थी। ऐसे में धार पुलिस ने पञ एसपी आदित्य प्रताप सिंह को लिखा हैं, जिसके बाद यह पञ सीधे कलेक्टर पंकज जैन को पहुंचेगा। जहां पर आरोपी सुधीर दास के आदिवासी होने की जांच होने पर सभी रजिस्ट्री को शून्य घोषित हो जाएगी।

उप पंजीयकों के बयान होंगे महत्वपूर्ण

जमीन की रजिस्ट्रियां जिला उप पंजीयक कार्यालय में की गई है। पुलिस रजिस्ट्री होने के दौरान पदस्थ उप पंजीयक कार्यालय के कर्मियों को जानकारी के लिए तलब कर रही है। उप पंजीयक कार्यालय के कर्मचारियों के बयान भी केस में महत्वपूर्ण रहेंगे। कर्मी यदि यह स्वीकार करते हैं कि बनी दास या उनके भू माफिया समूह ने उन्हें झूठी जानकारी देकर आदिवासी होने की बात छुपाई है तो रजिस्ट्रार कार्यालय की और से भी एक एफआईआर बढ़ सकती है। यही बयान पुलिस केस को और मजबूत करेंगे।

सुधीर की जानकारी के लिए सुनील का रिमांड

मंगलवार को पुलिस ने जेल में बंद आरोपी सुनील शांतिलाल को जेल से कोर्ट में पेश किया। इस दौरान पुलिस ने सुनील का रिमांड मांगा। कोर्ट द्वारा 9 दिसंबर तक का रिमांड दिया गया है। सुनील शांतिलाल फरार आरोपी सुधीर शांतिलाल का भाई है और फरार सिद्धार्थ के पिता है। जमीन घोटाले के 4 मास्टर मार्इंडों में सुधीर जैन भी शामिल है। पुलिस रिमांड के दौरान सुधीर-सिद्धार्थ सहित जमीन के क्रय-विक्रय संबंधित पूछताछ भी करेगी।

12 में किसी का भी सुराग नहीं

जमीन घोटाले मामले में करीब 12 आरोपी अभी फरार चल रहे है। इनमें 11 लोगों पर 5-5 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। 1 आरोपी सुधीर पर 10 हजार का इनाम है। बीते 10 दिनों में क्राईम ब्रांच और सायबर सेल आरोपितों को ढूंढ़ने के लिए प्रयासरत है, लेकिन अभी तक किसी का भी सुराग नहीं मिला है। इस केस में प्रत्येक व्यक्ति की गिरफ्तारी पुलिस के साक्ष्य संग्रहण को मजबूत करेगी। इधर पुलिस नगर पालिका और बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का परीक्षण करने में जुट गई है।