सुबह से शाम तक 2.8 इंच बरसात:अब तक 18.3 इंच पानी गिरा, शहर के तालाब और डेम खाली

धार3 महीने पहले
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शहर के देवीसागर तालाब में पानी की आवक नहीं हाेने से घाट व किनारे दिखने लगे। - Dainik Bhaskar
शहर के देवीसागर तालाब में पानी की आवक नहीं हाेने से घाट व किनारे दिखने लगे।

तेज हवा से पिछले कई दिनों से लगातार बौछारयुक्त बारिश हो रही है। शनिवार सुबह चार घंटे तेज बारिश हुई। शाम तक 71.7 मिमी यानी 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश होने का कारण यह रहा कि अभी तक जो भी हवा की गति थी वह 30 किमी प्रति घंटा चल रही थी, जाे शनिवार सुबह 10 किमी प्रति घंटा पर आ गई थी। इससे बौछारों की जगह तेज बारिश होने लगी।

धार में 1 जून से 15 अक्टूबर तक बारिश दर्ज की जाती है। ऐसे में बारिश के 68 दिन बीत गए लेकिन शहर व जिले में तेज बारिश नहीं हुई। इससे शहर के प्रमुख पेयजल के तालाबाें में पानी की आवक कम हाेने से डेढ़ माह का पानी बचा है। जिले के प्रमुख मान डेम जीराबाद व माही डेम राजाेद-लाबरिया में भी कम पानी की आवक हुई। जुलाई में 10 दिन सूखे निकलने से 14.7 इंच ही हुई बारिश : शहर में जून के अंतिम सप्ताह में मानसून ने दस्तक दे दी थी। 30 जून तक 5.4 इंच बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई में 10 दिन सूखे निकल गए। 21 दिन में 14.7 इंच बारिश हुई। इसमें भी 20 जुलाई काे 36.1 मिमी व 21 जुलाई काे 34.3 मिमी पानी गिरा था।

इसके अलावा शेष दिनाें में 1 मिमी से लगाकर 16 मिमी के बीच छुटपूट बारिश हुई। अगस्त के सात दिन में महज 0.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। शनिवार काे सुबह चार घंटे तेज बारिश हाेने से 24 घंटे में 2.8 इंच पानी गिरा। इससे अब तक 18.3 इंच बारिश हुई। जाे गत वर्ष से 2.1 इंच कम है। पिछले साल अब तक 20.4 इंच बारिश हाे चुकी थी। जिले की सामान्य बारिश 33 इंच है।

तालाबाें में डेढ़ माह का पानी बचा
शहर में 10 हजार 428 वैध नल कनेक्शन हाेकर नपा दाे से तीन दिन छाेड़कर पानी सप्लाय करती है। अब तक तेज बारिश नहीं हाेने से प्रमुख पेयजल स्रोतों में भी पानी की कमी आने लगी है। मुख्य पेयजल स्राेत दिलावरा डेम, सीतापाट तालाब, नयापुरा में नपा द्वारा डेढ़ माह का पानी हाेने की बात कही जा रही है। देवीसागर तालाब के भी खाली हाेने से किनारे व घाट दिखने लग गए। यहां किनाराें पर जंगली घास फैली हुई है। नपा के अधीन शहर में लगे 228 हैंडपंप में से 163 चल रहे है। वहीं 158 बाेरिंग में से 117 बाेरिंग चालू स्थिति में है। यानी 65 हैंडपंप व 41 बाेरिंग भी अभी बंद पड़े है।

जीराबाद व माही डेम में भी कम आवक हुई : जिले के सबसे बड़े जीराबाद मान डेम में अब तक 6 मीटर बारिश के पानी की आवक हुई है। मान डेम के एसडीओ आलाेक चाैबे ने बताया 297.65 मीटर का लेवल हाेकर 284 मीटर डेम भरा हुआ है। गत वर्ष इस समय गेट खाेलना पड़े थे लेकिन इस बार पानी की कम आवक हुई। इधर राजाेद-लाबरिया में स्थित माही डेम में भी साढ़े पांच मीटर पानी की अावक हुई। एसडीओ रजत जादाैरिया ने बताया 451.50 मीटर डेम की क्षमता हाेकर 446.50 मीटर भरा हुआ है। अब तक पानी की आवक कम हुई है। इसके चलते गेट खाेलने जैसी स्थिति नहीं बनी।

आगे क्या...अब माैसम खुलेगा
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. जीएस गाठिये ने बताया कम दबाव के कारण क्षेत्र में कम बारिश हुई है। अब एक दाे दिन माैसम साफ रहेगा। फिलहाल बारिश काे लेकर काेई सिस्टम भी एक्टिव नहीं है। इस बारिश से फसलों को फायदा है। हालांकि जिस तरह का मौसम है उससे इल्ली का प्रकोप बढ़ेगा। किसान अपने खेतों में लगातार निरीक्षण करते रहें। यदि पौधे पीले दिखाई दें तो उनका तना चीरकर देखें कि कहीं उसमें इल्ली तो नहीं है। यदि ऐसा है तो निर्धारित दवा का छिड़काव करें। इसके अलावा जब तक धूप नहीं निकलती, इल्ली का प्रकोप कम होना मुश्किल है।

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