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  • The Team From Ralamandal Heard The Roar Of The Leopard, Marked The Area Of 15 Km And Installed 6 Cages, Keeping An Eye On Night Vision Cameras

बच्ची की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट:रालामंडल से आई टीम ने तेंदुए की दहाड़ सुनी, 15 किमी के एरिए को चिन्हित कर लगाए 6 पिंजरे, नाइट विजन कैमरों से रखी जा रही नजर

धार3 महीने पहले
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टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में 6 कैमरे लगाए हैं। - Dainik Bhaskar
टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में 6 कैमरे लगाए हैं।

कड़दा के जंगल में दाे वर्षीय बालिका का शिकार करने वाले तेंदुए काे पकड़ने के लिए वन विभाग ने बुधवार को 15 किमी एरिया को चिन्हित कर 6 पिंजरे रखे। इसके अलावा नाइट विजिन कैमरों के जरिए तेंदुए पर नजर रखी जा रही है। रालामंडल से रेस्क्यू करने आई टीम ने भी आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग करते हुए पगमार्क देखे। उन्होंने भी तेंदुए की दहाड़ सुनी। पिंजरे में तेंदुए काे फांसने के लिए कुत्ते का पिल्ला रखा गया है। देर शाम डीएफओ अक्षय राठाैर ने भी पहुंच कर घटनास्थल देख बालिका के परिजनाें व वनवासी ग्रामीणाें से चर्चा की। अब तक इस क्षेत्र में हुई घटनाओं में बच्चाें का ही शिकार करने से ग्रामीणाें काे जंगल में जाते समय अपने साथ बच्चाें काे नहीं लेकर जाने की सलाह दी

15 किमी का एरिया चिंहित
तेंदुए के बढ़ते हमले के बाद वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र का सर्वे कर 15 किमी के एरिया को चिंहित किया है। इस क्षेत्र में ही तेंदुए को देखा गया है। पिछले चार माह में तेंदुआ तीन बच्चों का शिकार कर चुका है। ग्रामीणों को आंशका है कि क्षेत्र तेंदुए की संख्या बढ़ी है, जिसके चलते ये भोजन की तलाश में जंगल से रहवासी क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमझेरा, बाग, टांडा, गंधवानी व मांडू से लगे हुए क्षेत्र के करीब 15 किमी का हिस्सा चिंहित किया गया है। इस पूरे क्षेत्र में वन विभाग के 8 गश्ती दल भ्रमण कर रहे हैं, तथा विशेषकर बच्चों को जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में नहीं घुमने की सलाह दे रहे हैं।

ग्रामीण भी कर रहे विभाग की मदद
अमझेरा व आसपास के क्षेत्र में बढ़ते हमले के बाद 15 से अधिक धार वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व रालामंडल से आई टीम के सदस्य बच्ची की मौत के बाद से ही क्षेत्र में तेंदुए की तलाश कर रहे हैं। वन विभाग टीम की मदद क्षेत्र के चौकीदार व ग्रामीण भी कर रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाने के साथ ही दीवारों पर वन्यप्राणी से सचेत करने के लिए चेतवानी भी लिखवाई है। साथ ही साइन बोर्ड भी इस चिंहित क्षेत्र में लगवाए गए हैं।

सोते समय मुंह में दबाकर भागा था तेदुए
दरअसल, मंगलवार को प्रभु इमलियार अपने परिवार के साथ खेत पर सोयाबीन काटने के लिए गया था। प्रभु की बच्ची सहित दो अन्य बच्चे खेत में ही तिरपाल पर सो रहे थे। तभी झाड़ियों से अचानक तेंदुआ आया और 2 साल की वर्षा को मुंह में दबाकर अपने साथ जंगल की ओर खाई में ले जाने लगा। परिजन पीछे की ओर दौड़े और पत्थर मारकर तेंदुए से बच्ची को छुड़ाया। घायल बच्ची ने तीन घंटे तक संघर्ष करने के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया।

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