मुक्तिधाम में भी वेटिंग:अस्पतालों के साथ अब मुक्तिधाम में वेटिंग जगह कम पड़ी तो जमीन पर किया अंतिम संस्कार

धार6 महीने पहले
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शेड में जगह नहीं मिली तो मुक्तिधाम में पीछे की तरफ खाली जगह में इस तरह से किए जा रहे हैं अंतिम संस्कार। - Dainik Bhaskar
शेड में जगह नहीं मिली तो मुक्तिधाम में पीछे की तरफ खाली जगह में इस तरह से किए जा रहे हैं अंतिम संस्कार।
  • रुला रहा कोरोना-12 लोगों ने संक्रमण से दम तोड़ा, 5 की सामान्य मौत, 24 घंटे में 259 पाॅजिटिव

काेराेना से दम ताेड़ने वालाें का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार काे धार के मुक्तिधाम में कुल 17 लाेगाें का अंतिम संस्कार किया गया, इनमें 5 लाेगाें की सामान्य मृत्यु हुई, जबकि 12 लाेगाें ने संक्रमण के चलते दम ताेड़ दिया।

जिला अस्पताल और धरावरा काेविड केयर सेंटर में चार लाेगाें ने दम ताेड़ा। इनमें से दाे संदिग्ध थे, हालांकि उनका भी प्राेटाेकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। इधर, अंतिम संस्कार के लिए भी लाेगाें काे इंतजार करना पड़ रहा है। धार के मुक्तिधाम के शेड में स्टैंड फुल हाेने से अब पीछे की ओर खाली जगह में काेविड प्राेटाेकाल के तहत शवाें का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

गुरुवार की सुबह आई रिपाेर्ट में 259 पाॅजिटिव सामने आए, जबकि एक्टिव केस का आंकड़ा 1539 हाे गया है। बीते एक साल की बात करें ताे अभी तक 8510 लाेग संक्रमित हाे चुके हैं। इधर, जिला अस्पताल सहित शहर के अन्य निजी अस्पतालाें में भी बेड फुल हाेने से लाेगाें काे ऑक्सीजन बेड के लिए वेटिंग करना पड़ रही है।

वृद्ध पिता ने किया बेटे का अंतिम संस्कार

पीथमपुर के एक बुजुर्ग पिता ने अपने जवान बेटे का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया। उनका बेटा निजी कंपनी में काम करता था। कुछ समय से वह पाॅजिटिव हाेकर जिला अस्पताल में भर्ती था। उसकी भी गुरुवार काे मृत्यु हाे गई। मुक्तिधाम में बुजुर्ग पिता पीपीई किट पहने हुए थे।

नपाकर्मियों के साथ बेटे का अंतिम संस्कार किया। यहां माैजूद नपा उपाध्यक्ष कालीचरण साेनवानिया काे जब पता चला कि इन बुजुर्ग के पास लकड़ी-कंडे के लिए भी पैसे नहीं है ताे उन्हाेंने नपा की तरफ से उसे निशुल्क सामग्री उपलब्ध कराई।

अपने पिता का शव देखकर बेहाेश हुई बेटी

जिला अस्पताल के काेविड आईसीयू में भर्ती पिता की मृत्यु के बाद उन्हें नपा के शव वाहन से अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया गया था। परिजन के साथ उनकी दाे बेटियां भी बाइक से वहां पहुंची। बेटियाें ने पिता के अंतिम दर्शन वीडियाे से कराए, बेटी पिता काे पास से देखना चाहती थी

लेकिन प्राेटाेकाॅल काे देखते हुए उसे पास नहीं जाने दिया गया। वाे जिद कर रही थी, लेकिन इसी दाैरान वह बेहाेश हाेकर गिर गई। हाेश में आने पर उसे परिजन के साथ मुक्तिधाम से वापस भेजा गया।

ये हैं रियल हीराे
15 दिन से नपा उपाध्यक्ष मुक्तिधाम में दे रहे सेवा
नगर पालिका उपाध्यक्ष कालीचरण साेनवानिया 15 दिनाें से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहे हैं। यहां अंतिम संस्कार के लिए अाने वाले लाेगाें के लिए जगह से लेकर लकड़ी-कंडे और अन्य सामग्री की व्यवस्था कराते हैं। जहां कहीं भी जरूरत पड़ती है वे तत्काल वहां पहुंचकर लाेगाें से बात करते हैं और उन्हें संबल देते हुए उनकी मदद करते हैं।

यहां तक की अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां तक जमावाने में कर्मचारियाें काे मदद करते हैं। कर्मचारियाें काे लगातार बताते हैं उन्हें किस तरह से काम करना है। साेनवानिया का कहना है कि यह समय मेरे धार के लिए संकट का है, ऐसे में मैं घर में नहीं बैठ सकता। जितना हाे सके यहां मैं लाेगाें की मदद करने का प्रयास करता हूं।

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