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मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी:तप करने से शक्ति, कृपा देव गुरु से मिलती है

झाबुआ15 दिन पहले
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तपस्वियों का बहुमान किया गया। - Dainik Bhaskar
तपस्वियों का बहुमान किया गया।

मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी का यशस्वी शासन प्रभावक चातुर्मास चल रहा है। तपस्याओं की झड़ी लगी है। इसी कड़ी में श्रुति महेश शाह के 31 उपवास व तमन्ना संघवी के नव उपवास की अनुमोदना में प्रवीण अमृतलाल संघवी के यहां पर गुरु पूजा मांगलिक होने के बाद उनके गृह निवास से तप अनुमोदना वरघोड़ा बावन जिनालय पहुंचा।

यहां धर्मसभा में धरमचंद मेहता ने सर्वप्रथम गुरु वंदन कराया। जनसमूह को मुनिश्री ने मंगलाचरण कर धर्मोपदेश दिया। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी ने कहा मन: निग्रह तप, मन का नियंत्रण करना तप है। तपस्वी के सामने उनकी पसंद की खाने वस्तुएं कई बार आ जाती है उस समय मन का निग्रह रखना आवश्यक होता है।

रसेंद्रिय पर विजय पाना ही तप है। मुनिश्री ने तपस्वी की अनुमोदना करते हुए कहा श्रुति शाह ने सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में गरम जल के आधार पर 31 दिन तक उपवास किए ये बड़ी बात है। तप करने मे यह सभी शक्ति देव गुरु कृपा से मिलती है।

तमन्ना 11 वर्ष की उम्र में 9 उपवास मुस्कुराते हुए इतनी आसानी से कर लेती है। जैसे तप करना सरल काम हो। इन तपस्वी ने तप करके अपने परिवार के नाम को रोशन किया है। श्रीसंघ चातुर्मास समिति का गौरव बढ़ाया।

तप करके कर्मों को जलाना चाहिए

मुनि श्रीजीतचंद्र विजयजी ने कहा तप करके कर्मों को जलाना चाहिए। दिव्यांशी डोषी पाडल्या ने तप अनुमोदना में गीत प्रस्तुत किया। पाडल्या से पधारे ममता प्रेमजी डोशी ने तपस्वी श्रुति बहन का बहुमान किया। सभी परिवार ने भी सम्मान किया।

मुंबई से पधारे धर्मेश शाह ध्रुवेश भाई ने भी बहुमान किया। क्षमापना करने थांदला से श्री संघ का आगमन ‌हुआ। अध्यक्ष कमलेश दायजी ने 2022 का चातुर्मास थांदला में करने की विनती की। दायजी व प्रफुल्ल पोरवाल अनोखीलाल मोदी का बहुमान चातुर्मास समिति ने किया।

महिदपुर सिटी से पधारे अभयजी बोथरा को चउविहार सिद्धतप की उग्र तपस्या निमित्ते चातुर्मास समिति के बहुमान किया। क्षमापन के लिए मेघनगर बागरा इंदौर राजगढ़ आदि नगर से सदस्य पधारे। मुनिश्री ने तीनों तपस्वी को रत्नामाला अर्पण की।

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