आदिवासी लोक पर्व की तैयारी शुरू:भगोरिया पर नहीं कोरोना का असर, मेले लगेंगे, 22 मार्च से मनाया जाएगा त्योहार

झाबुआ9 महीने पहले
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  • रविवार हाट में पारंपरिक वेशभूषा में खरीदी करने पहुंचे ग्रामीण

भगोरिया पर्व 22 मार्च से मनाया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस आदिवासी परंपरागत पर्व को मनाने के लिए ग्रामीणों ने तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को शहर के हाट बाजार वाले दिन काफी भीड़ रही। अभी तक प्रशासनिक तौर पर भी ये साफ है कि भगोरिया मेलों को आयोजित नहीं करने या इन्हें सीमित करने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं हैं। दरअसल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि जिले में कोरोना के केस बढ़ने की खबर नहीं है। हर दिन औसत 4 से 5 केस नए आ रहे हैं।

लोगों के मन में भी आयोजन को लेकर कोई सवाल नहीं हैं। वो कहते हैं, कुछ भी हो, अपना पर्व तो मनाएंगे। जब चुनाव में भीड़ हो सकती है और दूसरे आयोजनों में तो सदियों से मनाया जाने वाला ये पर्व भी अपने रूप में ही मनेगा। जानकारों का कहना है, कई दशक में ऐसा कभी नहीं हुआ कि भगोरिया नहीं मनाया गया हो। साल 2020 में भी ये पर्व सामान्य रूप से मनाया गया था। भगोरिया खत्म होने के बाद कोरोना संक्रमण के केस देश में ज्यादा आए थे और लॉकडाउन लगाया गया था। इधर पर्व करीब आते ही बाहर मजदूरी करने गए लोग घर लौटने लगे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में ग्रामीण हाट बाजार में खरीदी करने पहुंचे।

कब, कहां लगेगा भगोरिया

  • 22 मार्च सोमवार- आलीराजपुर जिले में आलीराजपुर, भाबरा, बड़ा गुड़ा और झाबुआ जिले के पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला में।
  • 23 मार्च मंगलवार- आलीराजपुर जिले के बखतगढ़, आम्बुआ, अंधारवड़ में और झाबुआ के पिटोल, खरड़ू, थांदला, तारखेड़ी एवं बरवेट में।
  • 24 मार्च बुधवार- आलीराजपुर जिले के चांदपुर, खट्‌टाली, बरझर, बोरी में और झाबुआ के उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी एवं ढेकल में।
  • 25 मार्च गुरुवार- आलीराजपुर के फूलमाल, सोंडवा, जोबट में और झाबुआ के पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई एवं चैनपुरा में।
  • 26 मार्च शुक्रवार- आलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा, वालपुर, उदयगढ़ व झाबुआ के भगोर, बेकल्दा, मांडली एवं कालीदेवी में।
  • 27 मार्च शनिवार- आलीराजपुर के उमराली, नानपुर और झाबुआ के मेघगनर, रानापुर, बामनिया, झकनावदा में।
  • 28 मार्च रविवार- आलीराजपुर जिले के छकतला, झीरण, सोरवा, आमखूंट, कुलवट में और झाबुआ जिले के झाबुआ, ढोल्यावड़, रायपुरिया, काकनवानी में

ढाई महीने में सबसे कम नए केस मिले
कुछ जगह संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बावजूद जिले में बीते ढाई महीने में सबसे कम नए सामने आए। जनवरी से लेकर आधा मार्च बीतने तक हर दिन 4 से 5 नए केस मिल रहे हैं। इस साल 1 जनवरी से अब तक 281 नए केस सामने आए। मार्च के 13 दिनों में 50 केस मिले। हालांकि एक्टिव केस की संख्या बढ़ रही है। 1 मार्च को एक्टिव केस 10 थे, जो अब 30 हो गए। ये संख्या 3 फरवरी के बाद इतनी हुई है।

2602 लोग ठीक हो चुके : जिले में अब तक 2659 मरीज मिल चुके हैं। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक इस साल अभी तक जिले के किसी व्यक्ति की कोरोना से मौत नहीं हुई। दिसंबर से ये आंकड़ा 27 पर ही है। 85 हजार के करीब टेस्ट किए जा चुके हैं। 2602 लोग ठीक हो चुके हैं।

लोग बोले- चुनाव में भीड़ तो यहां क्यों नहीं
गांव आंबाखोदरा के समस भाबोर का कहना है, देश में सबकुछ चल रहा है। हमारे लोग गुजरात में जहां मजदूरी करते हैं, वहां भी कई आयोजन हो रहे हैं। अभी कुछ जगह चुनाव चल रहे हैं, वहां हजारों की भीड़ जमा हो रही है तो फिर भगोरिया में क्यों नहीं। अगर सरकार रोक लगाए तो भी हम तो अपना पर्व मनाएंगे।
थावरिया भाबोर का कहना है, गांवों में वैसे भी कोरोना का असर कम रहा। झाबुआ जिले में बहुत सारे केस नहीं आ रहे। आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व भगोरिया है। अब शादियां भी शुरू हो चुकी हैं। हम रविवार को दूल्हे का सामान खरीदने आए हैं।
अभी कोई निर्देश नहीं
^भगोरिया मेलों को लेकर पुलिस ने अपनी तैयारी की है। हर मेले में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। शासन की ओर से आगे अगर कोई निर्देश आते हैं तो उस हिसाब से कार्य किया जाएगा।
आशुतोष गुप्ता, एसपी, झाबुआ

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