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महंगाई:डीजल शतक के करीब, टैक्सी किराया प्रति किमी 4 रुपए बढ़ा, भोजन की थाली 10 फीसदी महंगी हुई

झाबुआ13 दिन पहले
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शहर में बुधवार काे पेट्राेल 110.44 रुपए प्रति लीटर बिका। - Dainik Bhaskar
शहर में बुधवार काे पेट्राेल 110.44 रुपए प्रति लीटर बिका।
  • छह माह में पेट्रोल 18, डीजल 16.82 रुपए महंगा हुआ, रसोई गैस सिलेंडर पर 140 रुपए बढ़े

डीजल और पेट्राेल के दाम बढ़ने से महंगाई बेलगाम हो रही है। आम आदमी के जेब पर असर डालने वाली हर चीज के भाव बढ़ गए हैं। छह माह में पेट्रोल 18.3 रुपए और डीजल 16.82 रुपए महंगा हो गया, जबकि रसोई गैस 140 रुपए महंगी हो गई। बुधवार को पेट्रोल 110.44, डीजल 99.34 और रसाेई गैस सिलेंडर 879 रुपए में बिका।

बढ़ती महंगाई के कारण खाने-पीने की वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें सुबह के चाय-नास्ते से लेकर भाेजन की थाली तक के दाम पहले से अधिक हुए हैं। समाेसा, चाय और पाेहा दो-दो रुपए मंहगा हुआ है। वहीं होटल-रेस्टोरेंट वालों ने खाने की थाली व सब्जियों के दामों में भी 10 प्रतिशत का इजाफा किया है। इन सबने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। बढ़ती महंगाई का असर सीधे आम आदमी की जेब पर ही पड़ रहा है।

गृहिणी सरिता सोलंकी ने कहा आय वही है, लेकिन पहले के मुकाबले खर्च बढ़ गया है। जबकि तरुणा झाला ने कहा सरकार को महंगाई काबू करने के लिए कदम उठाने चाहिए। वरना घर का खर्च उठाने में आम लोगों की कमर टूट जाएगी।

10 से बढ़कर 14 रु. प्रति किमी हुआ टैक्सी किराया
बसों का किराया पहले ही सरकार के निर्देश के बाद 25 प्रतिशत बढ़ाया जा चुका है। डीजल महंगा हाेने के कारण किराया बढ़ा है। टैक्सी संचालक अंकित सिरोठिया ने बताया पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण सभी पर भार आया है। पहले 10 रुपए प्रति किमी पर टैक्सी किराये पर देते थे, अब दाम बढ़ने के कारण 14 रुपए किए गए हैं। यानी इंदौर आने-जाने के पहले 3 हजार रुपए चुकाने होते थे, अब करीब 4200 रुपए देना होंगे।

परिवहन महंगा होने से निर्माण कार्य भी हुए महंगे
मकान बनाना महंगा हो गया है। परिवहन महंगा हाेने के कारण भवन निर्माण की लागत 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। मजदूर भी पहले से महंगे हुए हैं। सीमेंट और लाेहा विक्रेता अक्षय कटारिया ने बताया लाेहे के दाम पहले से कुछ कम हुए हैं, लेकिन सीमेंट के दाम बढ़ रहे हैं। लाेहा 57 रुपए प्रति किलो और सीमेंट 345 रुपए प्रति बैग बिक रही है। सीमेंट फैक्ट्री में विद्युत खपत सहित परिवहन में डीजल की खपत हाेती है।

तेल के दाम भी बेकाबू, 140 रुपए लीटर पहुंचे
खाद्य तेल के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। किराना व्यवसायी रौनक शाह ने बताया तेल 145 से 150 रुपए लीटर तक बिक रहा है। जबकि पिछले साल 120 रुपए लीटर दाम था। इससे अभी 30 रुपए ज्यादा चुकाना पड़ रहे हैं। तुअर दाल 110, मूंग दाल 90 से 100 रुपए बिक रही है। जबकि पिछले साल 80 से 90 रुपए दाम थे। आटा चक्कियाें पर पिसाई महंगी हाे गई है। दाे रुपए किलाे रेट था, तीन रुपए किलाे हाे गई है। इससे गेहूं सहित अन्य अनाज पिसाना महंगा हो गया है। बिजली की दरें बढ़ने के कारण अनाज पिसवाना महंगा होता जा रहा है।

ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से बढ़े सब्जियों के दाम
सब्जियाें के थाेक विक्रेता प्रकाश भाई ने बताया सब्जियाें की आवक बाहर से ही हाे रही है। डीजल के दाम बढ़ने का असर पड़ा है। प्रत्येक सब्जी के दाम पर 15 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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