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खेतिहर है परेशान:सहकारी संस्थाओं से किसानों को नकद नहीं मिल रहा खाद, बाजार से अधिक दामों पर खरीदना पड़ रहा

झाबुआ7 दिन पहले
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आलीराजपुर. भारतीय किसान संघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। - Dainik Bhaskar
आलीराजपुर. भारतीय किसान संघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
  • किसानों की समस्या के निराकरण के लिए भाकिसं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञाापन

जिलेभर के किसानों को हो रही परेशानियों के निराकरण के लिए भारतीय किसान संघ ने एसडीएम लक्ष्मी गामड़ को कलेक्टर सुरभि गुप्ता के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आलीराजपुर जिला वनवासी क्षेत्र है। यहां के गरीब आदिवासी किसानों की समस्याएं है। इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए।

पदाधिकारियों ने बताया कि सहकारिता से किसानों को जो ऋण मलता है, उन्हें ऋण पर खाद दिया जाता है। लेकिन जो किसान नगद खाद खरीदता है उन्हें सहकारिता संस्थाओं से खाद नहीं दिया जाता। जिससे उन किसानों को बाजार से अधिक मूल्य में व्यापरियों से खाद खरीदना पड़ता है। इन किसानों को नगद में खाद खरीदने की सहमति संस्था से की जाएं। पदाधिकारियों ने कहा कि बारिश की खेंच से कई किसानों की आर्थिक स्थिति पर संकंट खड़ा हो गया है।

ऐसे में बाजार में बीज, खाद पर उन्हें अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्या का निराकरण किया जाए। मप्र सरकार के किसान हितैशी आदेश जिसमें पटवारियों को सप्ताह में एक बार मंगलवार या गुरुवार को ग्राम पंचायत में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक बैठना है। लेकिन इस आदेश का कई पटवारी पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते किसानों को काफी परेशानी होती है। इस आदेश का पालन अनिवार्य रूप से करवाया जाएं। जो पटवारी पालन नहीं करता है और शिकायत आने पर उन्हें दंडित करें।

विवादित रास्तों का मौका मुआयना किया जाए
पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि मप्र शासन के आदेशानुसार किसानों के खेतों में जाने के विवादित रास्तों का मौका मुआयना कर अति शीघ्र निराकरण किया जाए। क्योंकि विवादित रास्तों के कारण कई किसान अपने खेत तक नही पहुंच पाता, जिससे किसान की फसलें खराब हो जाती है। आलीराजपुर जिले में सन् 1991-92 में भूमि बंदोबस का कार्य किया गया। जिसमें किसानों के नामों की एवं सर्वे नंबर की तृष्टि हुई है। जिससे किसानों के आवेदन लेकर एवं आपसी सहमति लेकर खाता-खसरा में सुधार किया जाए व किसानों को सही पुस्तिका दी जाए।

किसानों को नहीं मिल रही 10 घंटे बजली
पदाधिकारियों ने बताया कि आलीराजपुर जिले में विद्युत कंपनी किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली नहीं दे रही है। किसानों को 10 घंटे बिजली दी जाए। घरेलू उपभोक्ता गांव में अगर कुछ लोग बिजली बिल नहीं भरते हैं तो उनसे बिजली बिल वसूल करने के लिए पूरे गांव की बिजली ट्रांसफॉर्मर से ही काट दी जाती है। इससे बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को भी समस्या होती है। ऐसे अन्याय पूर्ण कृत्य को तत्काल बंद करवा कर उपभोक्ताओं को बिजली का लाभ दिया जाए।

शासन द्वारा कृषि फार्म आलीराजपुर की कृषि भूमि द्वारा बीज उत्पादन एवं शासन की अनेक किसान हितैशी योजनाओं का संचालन किया जाता है। जिससे किसान लाभ लेकर अपना जीवन यापन करते हैं। कृषि कल्याण विभाग की भूमि पूर्व में जिला पंचायत एवं जिला कलेक्टर कार्यालय को दी गई है। अभी शेष बची भूमि न्यायालय विभाग मांग कर रहा है। यदि यह भूमि न्यायालय विभाग को दे दी गई तो जिले के किसानों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

वाहन चोरों पर लगाम नहीं लगा पा रही पुलिस
पदाधिकारियों ने बताया कि आलीराजपुर में कई स्थानों पर वाहनों की चोरियां हो रही है। आए दिन बदमाश किसी न किसी का वाहन चुराकर ले जा रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा ठोस एवं गंभीरतापूर्वक कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे बदमाशों के हौसले बुलंद है। इसलिए लोगों में रोष है, इस पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाएं।

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