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जागरूकता में कमी:5 महीने में 12.7% आबादी को पहला टीका लगा, दूसरा डोज सिर्फ 2.65% को

झाबुआएक महीने पहले
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वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने विधायकों से चर्चा की। - Dainik Bhaskar
वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने विधायकों से चर्चा की।
  • जागरूकता में कमी काे कारण बता रहे, लेकिन सरकार डोज भी कम ही दे रही

कोरोना टीकाकरण बढ़ाने के लिए सारे जतन किए जा रहे हैं। इसके बावजूद टीकाकरण अभी तक लक्ष्य में रखी गई आबादी के 12.7 प्रतिशत लोगाें का हो सका है। ये पहला डोज लगवाने वालों की संख्या है। दूसरा डोज तो अभी सिर्फ 2.65 प्रतिशत लोगाें को लगा है। अफसर इसके पीछे गांवों में जागरूकता की कमी को कारण बताते हैं।

ये कारण सच भी है, लेकिन एकमात्र वजह ये नहीं है। सरकार जिले में डोज भी सीमित मात्रा में भेज रही है। हर दिन के टीकाकरण के बाद चंद सैकड़ों डोज ही जिले में बचते हैं। बीते दिनों में वैक्सीन की कमी के कारण कुछ शिविर आगे बढ़ाने पड़े थे।

अभी तक जिले को 112430 डोज मिले, जिनमें से 110266 लगाए जा चुके हैं। टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी से हुई थी। 5 महीने में 20 प्रतिशत से ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ केयर वर्कर ने ही दूसरा डोज नहीं लगवाया। (आंकड़े वोटर लिस्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयार किए। फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्कर की संख्या रजिस्ट्रेशन के आधार पर है)

परेशानियां भी कम नहीं

वैक्सीनेशन की संख्या बढ़ाने में प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों तय किया गया था कि गांव मेलपाड़ा को 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन वाला गांव बनाएंगे। यहां कोर्ट के सहयोग से शिविर लगाया गया। 300 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया। लेकिन टीका लगवाने 60 लोग ही आए। कई लोग घरों पर ताला लगाकर चले गए। ड्राइव इन वैक्सीनेशन में शुरुआती दिनों में कम लोग आए।

ये जतन कर रहे वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए

  • खाटला बैठक : कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में आने के बाद से ये प्रयास शुरू किया। खुद भी गांवों में जा रहे और दूसरे अफसरों को भी भेज रहे हैं। गांवों में जाकर खाटला बैठक कर वैक्सीनेशन के बारे में समझाया जा रहा है। इससे स्थितियां बदली भी है। पहले गांवों में वैक्सीनेशन नगण्य था, अब संख्या बढ़ रही है।
  • सामाजिक संगठनों से सहयोग : शहरी क्षेत्रों में सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शिविर लगाए गए। शहर में अब तक 5 से ज्यादा शिविर लगाए जा चुके हैं। धर्मगुरुओं से भी चर्चा की गई। शहरी क्षेत्र में वैक्सीनेशन ज्यादा है।
  • केंद्र की संख्या बढ़ाना : शहर में वैक्सीनेशन केंद्र बढ़ाए गए हैं। बुनियादी स्कूल केंद्र के अलावा डीआरपी लाइन अस्पताल को भी केंद्र बनाया गया है। गांवों में भी केंद्र की संख्या बढ़ाई गई है।
  • ड्राइव इन वैक्सीनेशन : झाबुआ जिला पहला आदिवासी जिला है, जहां ड्राइव इन वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई। बुधवार से टूरिस्ट मोटल परिसर में इसकी शुरुआत की गई।

अब संख्या बढ़ाने पर फोकस

वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए अब 21 जून को विश्व योग दिवस से महाअभियान चलाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संभावना है कि शासन से ज्यादा संख्या में वैक्सीन भी मिलेगी। शुक्रवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने वैक्सीनेशन महाअभियान को लेकर विधायकों और प्रतिनिधियों से चर्चा की। थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया, पेटलावद विधायक वालसिंह मेड़ा व झाबुआ विधायक के प्रतिनिधि गौरव सक्सेना से चर्चा की। अभियान में सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रयासों पर बात हुई।

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