पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एक जिला एक उत्पाद:कड़कनाथ के लिए 7 करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा, कड़कनाथ फार्मों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी

झाबुआएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • राज्य शासन की योजना में झाबुआ में कड़कनाथ पर फोकस

राज्य शासन की एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत कड़कनाथ मुर्गे का प्रोजेक्ट पशु चिकित्सा विभाग द्वारा तैयार कर राज्य शासन को भेजा है। यह प्रोजेक्ट 7 करोड़ रुपए का है। प्रोजेक्ट के तहत वर्तमान में उपलब्ध कड़कनाथ फार्मों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और 1199 हितग्राहियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। कलेक्टर रोहितसिंह के निर्देशन में ये प्रोजेक्ट तैयार किया गया।

प्रोजेक्ट हितग्राही सहकारिता समूह, एफपीओ तथा किसान उत्पादन संगठन से जुड़े हुए हितग्राहियों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया। अगर अप्रूवल मिलता है तो प्रति हितग्राही 100 चूजें, दाना, बर्तन का लाभ दिया जाएगा। जिले में अभी ग्राम नवापाड़ा के नानसिंह बारिया, छापरी के अमनसिंह डामोर, कल्याणपुरा के नीतेश हाड़ा तथा पिटोल के विनोद टांक निजी स्तर पर कड़कनाथ पालन कर रहे हैं। वे चूजे उत्पादन के लिए हेचरी मशीन लगाना चाहते हैं। योजना में इन्हें भी फायदा मिल सकता है।

अंडा विक्रय पर ज्यादा फोकस

प्रोजेक्ट में अंडों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए पैकिंग, मार्केटिंग का प्रावधान रखा गया है। कलेक्टर सिंह ने झाबुआ कड़कनाथ की वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि झाबुआ जिले के कड़कनाथ की देश-विदेश में पहचान और मांग बढ़े। कलेक्टर ने महिला स्व सहायता समूहों एवं किसान संगठनों की माली हालत सुधारने के लिए उन्हें कड़कनाथ के व्यवसाय से जोड़ने का कहा।

पहले ट्रेनिंग, फिर मिलेगी यूनिट

इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत हितग्राहियों का चयन कर उन्हें पहले कड़कनाथ पालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इकाई स्थापित करने के लिए प्रत्येक हितग्राही को 28 दिन के 100 चूजें, 50 किलोग्राम दाना, बर्तन, टीकाकरण, दवाइयां दी जाएंगी। साथ-साथ 1000 शेड निर्माण का भी प्रावधान रखा गया है। इसकी लागत 5 करोड़ रुपए आएगी। हितग्राही 6 माह में चूजों को बड़ा कर मुर्गियों के अंडा उत्पादन कर व्यवसाय बढ़ाएंगे। अंडे से चूजे उत्पादन के लिए 10 समूहों को हेचरी मशीन लगाने के लिए 30 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है।

बर्ड फ्लू में काफी नुकसान हुआ

जिले में कड़कनाथ का उत्पादन काफी ज्यादा होता है। लेकिन बर्ड फ्लू होने से व्यवसाय काे नुकसान हुआ है। थांदला के पास रूंडीपाड़ा में फार्मिंग करने वाले विनोद मेड़ा के यहां 2 हजार से ज्यादा चूजे या तो बीमारी से मर गए या उन्हें मारना पड़ा। अब प्रशासन लोगों का डर दूर करने की कोशिश में है। पिछले दिनों पशुपालन विभाग ने बयान जारी कर बताया था कि अब जिले में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं है और कुक्कुट उत्पादों का उपयोग सुरक्षित है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आर्थिक योजनाओं को फलीभूत करने का उचित समय है। पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता अनुसार काम करें। भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। विद्यार्थियों की करियर संबंधी किसी समस्...

    और पढ़ें