पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

यातायात व्यवस्था ध्वस्त:शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त, क्योंकि न पार्किंग की जगह तय न वन-वे शुरू हुए

झाबुआ8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • जनवरी में तय किया था नपा, आरटीओ, राजस्व और पुलिस विभाग मिलकर करेंगे काम, पर ये एक न हो सके

शहर में यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। सड़कों के बीच तक मुख्य मार्ग में वाहन खड़े हो रहे हैं। गाड़ियों तो दूर पैदल चलने वाले मुश्किल से निकल रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद जब से बाजार की सभी गलियों में गाड़ियों की इंट्री शुरू हुई, ये समस्या है। स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण से सड़कें छोटी होती जा रही हैं। जनवरी में तय किया गया था कि नगर पालिका, परिवहन, राजस्व और पुलिस विभाग मिलकर काम करेंगे। लेकिन 9 महीने में ये विभाग एक कदम आगे नहीं बढ़ सके।

इसके पीछे कारण क्या
तय हुआ था, शहर के लिए कम से कम 4 जगह पार्किंग व्यवस्था करेंगे। ये नहीं हो सका। अतिक्रमण हटाया जाना था, वो भी नहीं हट पाया। उल्टे बढ़ गया। यातायात पुलिसकर्मी चौराहों पर तैनात हैं, लेकिन मुस्तैद नहीं। पूर्व में सड़कों के आसपास लकीरें खींची गई थी कि इनके बाहर गाड़ियां खड़ी नहीं करना है, लेकिन ये अब मिट चुकी हैं।

वन-वे के लिए बैठक में चर्चा होगी : झाबुआ एएसपी विजय डावर ने बताया यातायात समिति की बैठक में सांसद की अध्यक्षता में वन-वे को लेकर निर्णय होता है। अगली बैठक में इसे लेकर प्रस्ताव रख सकते हैं। यातायात पुलिस शहर में तैनात है। उन्हें और ज्यादा सक्रिय करेंगे। पार्किंग को लेकर भी सभी विभागों के साथ काम करना होगा।

नगर पालिका : सड़कों के अस्थायी अतिक्रमण पूरी तरह से हटाना होगा
शहर की सड़कों के अस्थायी अतिक्रमण पूरी तरह से हटाना होगा। पार्किंग के लिए जगह देना होगी। सड़कों पर लगने वाली दुकानों के लिए अलग जगह देना होगी। जहां पहले सड़क किनारों पर दुकानें या गुमटियां दे दी, उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर सड़कें खाली कराना होगी। सज्जन रोड और सिद्धेश्वर मंदिर रोड पर ये होना जरूरी है।

अब तक कुछ नहीं किया : दिसंबर-जनवरी में राजस्व विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो बाजार में लोगों ने शेड हटाए, लेकिन अब फिर से पुराने हाल दिख रहे हैं। सड़कों पर दुकानें लग रही हैं, दुकानदार अपनी हद से काफी आगे तक सामान जमाकर बैठते हैं। जो हॉकर्स जोन पहले बनाया था, वो लगभग खाली पड़ा है।

राजस्व विभाग : पार्किंग के लिए जमीन देना होगी
पक्के अतिक्रमण हटाना जरूरी है। शहर में कई जगह ये हैं। बाजार के अलावा बाहरी सड़कें और स्टेट हाईवे पर अतिक्रमण हो रहा है। पार्किंग के लिए जमीन देना होगी। शहर में मौजूद राजस्व विभाग और दूसरे कुछ विभागों की जमीन का भी उपयोग पार्किंग के तौर पर किया जा सकता है।
अब तक क्या किया : पूर्व में जो अतिक्रमण विरोधी मुहिम शुरू की, वो विवादों के घिर गई। इसे बंद कर दिया गया। कार्रवाई में कुछ का तोड़ा, कुछ का छोड़ा। लोगों को जहां परेशानी है, वहां कार्रवाई नहीं हुई। नगरों के पुनर्घनत्वीकरण योजना में जो जगह चिह्नित की थी, वहां काम नहीं हो सका।

आरटीओ : बसें सिर्फ चयनित स्थानों पर ही रुकें
बसों और दूसर बड़े वाहनों काे लेकर कार्रवाई करना चाहिए। ये व्यवस्था करना होगी कि बसें सिर्फ बस स्टैंड या चयनित स्थानों पर ही रुकें। लेकिन होता ये है कि सवारियों के चक्कर में बसें हर कहीं खड़ी हो जाती हैं। इससे बार-बार यातायात व्यवस्था खराब होती है। ओवरलोड डंपर और ट्रक भी शहर से गुजरते हैं।

अब तक क्या किया : लॉकडाउन के बाद जबसे बसें शुरू हुई, तबसे कुछ नहीं। ओवरलोड रेत और गिट्‌टी के वाहनों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं हुई। बसें पहले की तरह बस स्टैंड से निकलकर रास्ते में 3 से 4 जगह सवारियां बिठाती हैं। जबकि निश्चित दूरी पर शहर में प्रतीक्षालय बने हुए हैं।

पुलिस विभाग : वन-वे बनाकर सख्ती से पालन जरूरी
यातायात पुलिस के जवान शहर में होते हैं, लेकिन सक्रिय रूप से ड्यूटी नहीं करते। उनके सामने ही बाजार में कहीं भी वाहन खड़े हो जाते हैं। मुख्य सड़कों पर कई बार जाम लगता है। कुछ जगह वन-वे बनाकर इनका सख्ती से पालन कराना जरूरी है। जनवरी में वन-वे व्यवस्था शुरू करने की बात हुई थी।

अब तक क्या किया : वन वे बनाए थे, अब नहीं रह गए। छतरी चौक पर पार्किंग व्यवस्था की थी, लेकिन अब गाड़ियां इसके बाहर खड़ी होती हैं। बड़े वाहनों का दिन में प्रवेश रोकने को लेकर भी कोई काम नहीं। दिन के समय ट्रेक्टर वाले शहर की सड़कों पर खड़े हो जाते हैं।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय की गति आपके पक्ष में रहेगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। पिछले कुछ समय से चल रही किसी समस्या का समाधान मिलने से राहत मिलेगी। कोई बड़ा निवेश करने के लिए समय उत्तम है। नेगेटिव- परंतु दोपहर बाद परिस...

और पढ़ें