मनरेगा में मुश्किल... / तालाब गहरीकरण कर रहे मजदूर, किसी को 14 तो किसी को 12 हफ्ते से नहीं मिला भुगतान, नहीं सुन रहे अफसर

The workers are deepening the pond, some 14 have not received the payment for 12 weeks, the officers are not listening
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The workers are deepening the pond, some 14 have not received the payment for 12 weeks, the officers are not listening

  • ग्राम छागोला के मातावाली नाका पर बन रहे तालाब का मामला

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 08:24 AM IST

झाबुआ. इस तपती गर्मी में हम पसीना बहा रहे हैं पर हमें मजदूरी नहीं मिल रही। ये कहना है ग्राम छागोला के मातावाली नाका पर निस्तार तालाब पर मजदूरी कर रहे ग्रामीणों का। शनिवार को यहां पहुंची भास्कर टीम से ग्रामीणों ने अपनी दुखभरी दास्तां साझा की।
इस तालाब का निर्माण आरईएस द्वारा करवाया जा रहा है। वर्ष 2018-19 से काम चल रहा है। गत वर्ष तालाब की पाल की मिट्टी बह गई। इसे फिर से दुरुस्त किया जा रहा है। यहां आरईएस का कोई भी कर्मचारी-अधिकारी मौजूद नहीं था। 13 लोग यहां काम कर रहे थे। इसमें बच्चे भी शामिल है। यहां कोविड-19 को लेकर दिए गए किसी भी निर्देश का पालन होते नहीं दिखा। न किसी ने मास्क लगाया न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। जिला पंचायत सीईओ संदीप शर्मा ने कहा, ये होना नहीं चाहिए। इसका वस्तुस्थिति पता कर निराकरण कराएंगे। 
गांव के भले के लिए जमीन दान दी : इस तालाब के लिए अपनी जमीन गांव के सबु सिंगाड़ ने दान दी। उसने बताया दौड़ धूप कर सब कागज तैयार करवाए। साहब लोगों से उसने कहा था कि उसके परिवार के 2 लोगों को यहां मजदूरी देना, पर नहीं दी गई। उसका भी उसे मलाल नहीं। उसने कहा कि पानी रुकेगा तो सबको फायदा मिलेगा।

इनकी मजदूरी है बकाया :

यहां काम कर रही भोयरा फलिया की नंदूबाई लालू ने बताया उसने व अन्य ग्रामीणों ने तालाब पर पहले भी काम किया था। उसकी 14 हफ्तों की मजदूरी बाकी है। अभी भी काम कर रही पर मजदूरी नहीं मिली है। उसी के फलिया की किंचु व पांगला की 12 हफ्ते की बाकी रह गई। वैसी रसु, खेरमाल के गोरधन को भी नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया वेसिया लालजी के 9 हजार बकाया पड़े हैं। वहीं ताड़ फलिया की बुजुर्ग जीवली व उसके पति जीवला को भी मजदूरी नहीं मिली।

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