पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

टोल टैक्स वसूली:झाबुआ-रतलाम रोड पर टोल वसूली से नहीं सुधरेगी सरकारी खजाने की स्थिति

झाबुआ6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
झाबुआ-मेघनगर के बीच बनाया टोल बूथ। अधिकांश समय खाली रहता है। - Dainik Bhaskar
झाबुआ-मेघनगर के बीच बनाया टोल बूथ। अधिकांश समय खाली रहता है।
  • 12 दिन में सर्वे से लगभग आधी हुई टोल टैक्स वसूली, बड़े वाहन रास्ता भी बदल रहे

कोरोना काल में लगे लाॅकडाउन के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। इसे सुधारने के लिए सरकार ने मध्यप्रदेश राज्य सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरडीसी) के नियंत्रण में आने वाले 12 मार्गों पर टोल वसूली शुरू की। इनमें झाबुआ-रतलाम रोड को भी शामिल किया गया। झाबुआ से मेघनगर के बीच अंतरवेलिया में 8 जुलाई से टोल लगना शुरू किया गया, लेकिन कलेक्टर ने दो दिन के लिए रोक लगा दी।

फिर 10 तारीख से अब तक लगातार टैक्स लग रहा है। 12 दिनों तक जो वसूली हुई, उससे लगता है कि यहां के टोल से सरकारी खजाने का नुकसान कम नहीं होगा। पिछले साल हुए सर्वे के अनुसार जो अनुमान लगाया गया था, उससे लगभग आधी वसूली ही हो सकी है।

टोल कंपनी झाबुआ के पास अंतरवेलिया और रतलाम के पास बूथ बनाकर टोल ले रही है। इसके टेंडर 12 करोड़ रुपए सालाना के हुए। यहां टोल शुरू करने के लिए सर्वे साल 2020 के अगस्त-सितंबर में किया गया था। लेकिन इसके बाद एक लॉकडाउन और लग गया। इसका असर ये हुआ कि इस रास्ते पर आवाजाही काफी कम हो गई। अनुमान से लगभग 200 बड़े वाहन हर दिन कम गुजर रहे हैं।

यहां से हर दिन पौने 5 से पांच लाख रुपए वसूली का अनुमान था, लेकिन अभी तक औसतन हर दिन ढाई लाख के लगभग टोल मिला है। दूसरा ये भी हो रहा है कि मेघनगर रैक से निकलने वाले ट्रक पेटलावद रूट पर जा रहे हैं। कई गाड़ियां जब भरी हुई होती हैं, तब इस रोड से जाती हैं, लौटते समय रास्ता बदल लेती हैं। कारण, हर बार गुजरने पर टोल देना होता है।

टोल का विरोध, क्योंकि रोड 7 साल पहले बना, मेंटेनेंस भी नहीं
फूलमाल-रतलाम रोड के 104 किलोमीटर पर टोल टैक्स वसूली के लिए 2 बैरियर पर 52-52 किलोमीटर की वसूली की जा रही है। नवीन कंस्ट्रक्शन कंपनी छिंदवाड़ा ने ठेका लिया है। एमपीआरडीसी के अंतर्गत आने वाले फूलमाल-रतलाम रोड का निर्माण साल 2010 में शुरू हुआ और 2014 में काम पूरा हुआ। 116 किलोमीटर का रोड 91.09 करोड़ में बना था। इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे और मेंटेनेंस सामान्य रूप से नहीं होता। इसके बावजूद टोल वसूली का लगातार विरोध हो रहा है। पहले लोगों को उम्मीद थी कि इस टोल से इसी रोड की देखरेख होगी, लेकिन बाद में पता चला, ऐसा नहीं होगा।

खबरें और भी हैं...