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जर्जर सड़क:धार्मिक स्थलों तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल, ऊबड़-खाबड़ रास्ताें से पहुंचते हैं लाेग

बाग16 दिन पहले
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बाग. इस तरह से उबड़-खाबड़ सड़क से हाेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु और ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
बाग. इस तरह से उबड़-खाबड़ सड़क से हाेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु और ग्रामीण।
  • बाग जनपद की ग्राम पंचायत जामन्यापुरा में प्राचीन बाग गुफाओं सहित सात धार्मिक स्थल हैं

बाग जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत जामन्यापुरा में अति प्राचीन बाग गुफाओं सहित सात धार्मिक स्थल हैं। इन स्थलों तक श्रद्धालु वर्षों से उबड़-खाबड़ मार्ग से हाेकर जाने को मजबूर हैं। यह मार्ग देवीजी मंदिर रिसावला से बाग गुफाओं तक चार किलोमीटर का पड़ता है। पूरा रास्ता कच्चा है ओर बदहाल स्थिति में है।

इस मार्ग पर अति प्राचीन गंगाकुईधाम, लक्ष्मणगीरी सरकार, भीमकुई, देड़बाटी, गेबशाहवली बाबा की दरगाह है। गोशाला का भी निर्माण हो चुका है। लेकिन इस खस्ता हाल सड़क के कारण सभी आने-जाने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वाहन लेकर भी नहीं चल सकते क्याेंकि सड़क पर इतनी उबड़-खाबड़ सड़क हो गई है।

पूर्व में भी ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि सरदारसिंह कटारे एवं जन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र द्वारा अवगत कराया था। पूर्व सांसद, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष और विधायक द्वारा भी पत्र लिखा गया था। उसके बाद भी इस रोड की स्वीकृति नहीं हो पा रही है। इस संबंध में न ताे किसी अधिकारी ने काेई रुचि दिखाई और न अन्य लाेगाें ने। पुन: आम जन की मांग की है कि इस रोड को जल्द ही स्वीकृति दी जाए।

स्कूलों का पहुंच मार्ग है, बदहाली के कारण बच्चे भी होते हैं परेशान
इसी मार्ग पर चार से पांच स्कूल भी पड़ते हैं, जहां जाने के लिए छ़ोटे-बड़े बच्चे इस मार्ग से ही जाते हैं। जिन्हें भी इस कच्ची सड़क से गुजर कर जाने में बड़ी परेशानी होती है। घर-परिवार वाले भी बच्चों को पहुंचाने में घबराते हैं। श्रद्धालुओं सहित ग्राम के सभी ग्रामीणों की शासन-प्रशासन से यही मांग है कि अब इस कच्ची सड़क को पक्की बनवाने के लिए नवागत कलेक्टर से आशा करते है कि इसको प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करवाएंगें ताकि इस समस्या से छुटकारा मिल सके।

इस मार्ग से चार गांवों की सड़क भी जुड़ती है
सरदारसिंह कटारे ने बताया कि इस सड़क का पक्का निर्माण होना जरूरी है क्योंकि सड़क की हालत बहुत ही दयनीय हो चुकी है। इस सड़क से चार गांवों की सड़क भी जुड़ती है। ग्राम रिसावला, जामन्यापुरा, ठुवाटी, नेनगांव के ग्रामीण भी परेशान हैं। इसके बावजूद पक्का निर्माण नहीं होना समझ से परे है। जबकि मेरे द्वारा कई बार मांग की गई। क्योंकि रात में भी आने जाने में बीमार व अन्य लाेगाें काे काफी परेशानी आती है।

खासकर बारिश में इस सड़क की हालत और खस्ता हो जाती है। दोनों समुदाय के धार्मिक स्थलों सहित बाग की प्रसिद्ध बाग गुफाएं भी इसी मार्ग पर पड़ती है जिसे देखने भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मेरे द्वारा बहुत बार मांग की जा रही है मगर कहीं न कहीं अनदेखी की जा रही है। चोंगड़ीयापुरा (बाघनी नदी) पर पुलिया की मांग वर्षों से की जा रही थी। 2021 में पुलिया कार्य स्वीकृति होकर कार्य प्रगति पर चल रहा है जिससे ग्रामीणों को लाभ होगा।

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