मानसून की आहट / केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर लगातार की जा रही खरीदी और बड़े कांटे पर तुलाई के बाद खुले में पड़ा है अनाज

गाैतमपुरा. दोपहर बाद अचानक हुई बारिश के चलते मंडी प्रांगण में पड़ा गेहूं भीग गया। कुछ किसानों ने पल्ली ढंककर अपने गेहूं को बचाया। गाैतमपुरा. दोपहर बाद अचानक हुई बारिश के चलते मंडी प्रांगण में पड़ा गेहूं भीग गया। कुछ किसानों ने पल्ली ढंककर अपने गेहूं को बचाया।
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गाैतमपुरा. दोपहर बाद अचानक हुई बारिश के चलते मंडी प्रांगण में पड़ा गेहूं भीग गया। कुछ किसानों ने पल्ली ढंककर अपने गेहूं को बचाया।गाैतमपुरा. दोपहर बाद अचानक हुई बारिश के चलते मंडी प्रांगण में पड़ा गेहूं भीग गया। कुछ किसानों ने पल्ली ढंककर अपने गेहूं को बचाया।

  • बारिश के बाद करीब एक लाख क्विंटल गेहूं भीगने का खतरा

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:37 AM IST

सांवेर. समर्थन मूल्य पर लगातार खरीदी जारी रहने और बड़े कांटे पर तुलाई के बाद करीब एक लाख क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। इसके चलते सोमवार को क्षेत्र में कहीं हलकी, तो कहीं तेज बारिश के कारण गेहूं भीगा। हालांकि जितने साधन हैं, उतने गेहूं बचाने की कोशिश की जा रही है।

सांवेर क्षेत्र में समर्थन मूल्य की खरीदी साइलाे केंद्र बंद हाेने के बाद 14 अन्य केंद्रों की खरीदी कृषि उपज मंडी सांवेर सहित उपमंडी मांगलिया, चंद्रावतीगंज व अन्य केंद्रों की खरीदी विभिन्न वेयर हाउसों पर शुरू की गई। जहां लगातार बड़े कांटों पर तुलाई करवाई गई। ऐसी दशा में रात-दिन बोरियां भरने का काम चलाने के बावजूद जगह-जगह केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं बाहर पड़ा हुआ है। मुख्य एजेंसी मार्केटिंग सोसायटी प्रबंधक रमेश दयाल ने बताया सांवेर मंडी व चंद्रावतीगंज उपमंडी में 20-20 तो मांगलिया उपमंडी में 15 हजार क्विंटल सहित कुल 55 हजार क्विंटल गेहूं फिलहाल खुले में पड़ा हुआ है। हल्की व तेज बारिश के कारण गेहूं भीगने का अंदेशा है।

हालांकि तिरपाल ढंकने की व्यवस्था की गई है, फिर भी अगर तेज पानी आ गया ताे भारी नुकसान होगा। इसी तरह मधुसूदन, महाकालेश्वर, अर्पण, कृति, होरा जिंक्स वेयर हाउसों पर 40-50 हजार क्विंटल गेहूं खुला पड़ा है। इस प्रकार 1 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं पर बारिश में गीले हाेने का खतरा मंडरा रहा है।

गौतमपुरा: बारिश से खुले में पड़ा गेहूं भीगा

क्षेत्र में सुबह से लेकर दोपहर तक तेज धूप थी व गर्मी के चलते पसीना टपक रहा था। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल आए व तेज हवा का दौर शुरू हुआ। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी हुई व मौसम का मिजाज बनता बिगड़ता गया। शाम सात बजे बाद फिर से हुई रिमझिम बारिश ने मंडी व सभी केंद्रों के बाहर पड़े गेहूं को भिगो ही दिया। हजाराें क्विंटल गेहूं बारिश में गीला हो गया। कुछ किसानों ने पल्ली व पन्नियाें से ढंककर अपने गेहूं को गीला होने से बचाया, पर बहुत से किसानाें का गेहूं भीग गया, जिन्हें अब बेचने में परेशानी आएगी।

देपालपुर : बारिश हुई, मंडी प्रांगण और अन्य स्थानाें पर रखे गेहूं काे नुकसान की आशंका

नगर व आसपास के गांव में सोमवार साेमवार शाम करीब छह बजे से हल्की बारिश शुरू हुई। इससे मंडी में समर्थन मूल्य पर तुल रहे व खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियाें में रखे गेहूं के साथ-साथ किसानों के बाड़े व खलों में पड़े गेहूं को नुकसान होने की अाशंका है। इस बूंदाबांदी से मंडी सेवा सहकारी संस्था में हो रही समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रहे कर्मचारी बारिश को लेकर चिंतित थे, मगर दोपहर से ही उन्होंने बारिश से बचने के संसाधन ढूंढना जुटाना शुरू कर दिए थे। मौसम खराब होते ही कर्मचारियों ने पड़े हुए गेहूं ढंकने का काम प्रारंभ कर दिया था।

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