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परशुराम जयंती आज:अयोध्या में जिस लाल पत्थर से बन रहा राम मंदिर, उसी से बना रहा परशुराम का मंदिर

महू3 महीने पहलेलेखक: प्रणय जैन
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जानापाव पहाड़ी पर स्थित ब्रह्मकुंड, परशुराम मंदिर व जनकेश्वर महादेव मंदिर का 200 फीट की ऊंचाई से लिया गया ड्रोन फोटो : अनुराग चौधरी, मानपुर - Dainik Bhaskar
जानापाव पहाड़ी पर स्थित ब्रह्मकुंड, परशुराम मंदिर व जनकेश्वर महादेव मंदिर का 200 फीट की ऊंचाई से लिया गया ड्रोन फोटो : अनुराग चौधरी, मानपुर
  • 2500 फीट ऊंची है जानापाव की पहाड़ी, 6000 स्क्वेयर फीट में बन रहा मंदिर

भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव की पहाड़ी पर भगवान परशुराम का मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। लेकिन लॉकडाउन के चलते देरी हो गई। खास बात ये है कि मंदिर का निर्माण राजस्थान की बंसी पहाड़ी के लाल पत्थराें से किया जा रहा है। यह वही पत्थर है जिससे अयाेध्या में रामलला मंदिर तैयार हो रहा है। यहां स्थापित होने वाली भगवान परशुराम की प्रतिमा भी जयपुर में तैयार हो गई है। लॉकडाउन हटते ही यहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यहां 2500 फीट ऊंची जानापाव पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित अतिप्राचीन जनकेश्वर महादेव मंदिर के सामने छह हजार स्क्वेयर फीट एरिया में परशुराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।

मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े रामकिशाेर शुक्ला ने बताया कि करीब चार कराेड़ रु. का खर्च इसमें आएगा। ऊपरी हिस्से में शिखर का काम चल रहा है। यह काम भी इसी जयंती के पहले पूरा हाे जाता, लेकिन काेराेनाकाल और लाॅकडाउन के चलते कई बार काम बंद करना पड़ा। वहीं तीन हजार स्क्वेयर फीट एरिया में उद्यान व पैदल पाथ-वे बनाया जाएगा। इस निर्माण कार्य में दिनेश शर्मा, शैलेंद्र शुक्ला, सुभाष महाेदय सहित अनेक लाेग जुटे हैं।

गुरुकुल, नक्षत्र वाटिका और परिक्रमा पथ भी किए जा रहे तैयार

यहां जानापाव की पहाड़ी पर क्षेत्रीय विधायक व पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर द्वारा 80 कराेड़ रु. की लागत से इसे वैश्विक अध्यात्म का केंद्र बनाने की याेजना तैयार की गई है। इसमें 112 लाख रु की लागत से गुरुकुल, 15.3 लाख रु. की लागत से ध्यान कुटीर, 112 लाख रु. की लागत से रिसर्च सेंटर, 60.43 लाख रु की लागत से परिक्रमा पथ, 16 लाख रु. की लागत से नक्षत्र वाटिका, 313.5 लाख रु. की लागत से लिंक दर्शन राेड, 200 लाख रु. की लागत से सप्त सिंधु रिसर्च सेंटर सहित चंबल व कारम नदी पर तीन-तीन चेक डेम भी बनाने की याेजना है।

यहां पर मां रेणुका के नाम से रिसर्च सेंटर भी बनेगा। यहां पर वर्तमान में प्लांटेशन, परिक्रमा पथ जैसे प्रारंभिक कार्य शुरू भी कर दिए गए थे। लेकिन काेराेना महामारी के चलते यह कार्य बाधित हुए हैं।

80 करोड़ रुपए की लागत से जानापाव की पहाड़ी पर बन रहा पर्यटन और वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र

स्थिति सुधरते ही फिर गति पकड़ेगा निर्माण कार्य
जानापाव के विकास काे लेकर प्रदेश सरकार तेजी से काम कर रही है। यहां पर पर्यटन के साथ ही अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने की पूरी याेजना तैयार है। प्रारंभिक चरण के कुछ कार्य इस प्राेजेक्ट के शुरू भी हाे चुके हैं। वर्तमान में काेराेना महामारी के चलते परियाेजना में विलंब हाे रहा है। जैसे ही स्थिति सुधरेगी फिर से यह काम गति पर आ जाएंगे।- उषा ठाकुर, पर्यटन व संस्कृति मंत्री।

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