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अनूठा कार्य:नाले में बह रहे नर्मदा लाइन के लीकेज पानी काे 200 फीट लंबे पाइप व माेटर से खींच कर लाए और तैयार कर दी मिनी झील

महू6 महीने पहले
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महू. नर्मदा के व्यर्थ बहते पानी से कैंटबाेर्ड ने मिनी झील तैयार की। - Dainik Bhaskar
महू. नर्मदा के व्यर्थ बहते पानी से कैंटबाेर्ड ने मिनी झील तैयार की।
  • कैंटबाेर्ड ने वर्कशाॅप के सामने गड्ढाें में डलवाया पानी, भरी गर्मी में भरपूर पानी हाेने से आसपास के एरिया का बढ़ा वाटर लेवल

कैंटबाेर्ड द्वारा जलसंवर्धन के तहत अनूठा कार्य किया गया है। इसमें कैंटबाेर्ड ने शहर के भीतर ही नाले में व्यर्थ बह रहे नर्मदा के लीकेज पानी काे सहेजकर मिनी झील तैयार की है। जिससे यहां आसपास के एरिया में वाटर लेवल बढ़ने से जलस्रोत रिचार्ज हाे रहे हैं। कैंटबाेर्ड इंजीनियर एचएस काेलाय ने बताया कि वर्कशाॅप के पीछे स्थित नाले में पाेस्ट ऑफिस राेड के तरफ से हर दिन नर्मदा के लीकेज का पानी व्यर्थ बह रहा था। इसी के चलते कैंटबाेर्ड द्वारा इस पानी काे सहेजने का प्लान तैयार किया गया। इसमें वर्कशाॅप के पीछे ही नाले में इस बहते पानी काे राेका।

इसके बाद यहां पर माेटर व 200 फीट लंबे पाइप के माध्यम से पानी काे खींच कर वर्कशाॅप के सामने लाए। यहां पर उस पानी काे करीब पांच हजार स्क्वेयर फीट एरिया में बने गड्ढे में डंप किया। अब इस पानी से यह गड्ढा भर गया है। वहीं यह पानी सीधे जमीन में उतरने से अासपास के एरिया में वाटर लेवल बढ़ गया है। जिससे की गर्मी में हाेने वाली कुएं व बाेरिंग की सूखने की समस्या का हल निकल गया है।

यह हाे रहा फायदा : कैंट के टैंकर जिस कुएं से भराते हैं, वहां गर्मी में भी बारिश जितने प्रेशर से ही अा रहा पानी

इंजीनियर काेलाय ने बताया कि इसका फायदा यह हुआ कि वर्कशाॅप के सामने ही कैंटबाेर्ड के पानी की टैंकर जिस कुएं के नल से 24 घंटे भराते हैं। उसका गर्मी के दिनाें में प्रेशर कम हाे जाता था। जिसके चलते टैंकर काे भरने में काफी समय लगता था।

इस प्रयाेग के बाद अब कुएं का वाटर लेवल बढ़ने से यह फायदा हुआ है कि अब बारिश के दिनाें में कुएं का नल जिस प्रेशर से चलता था। वह अब भी इसी प्रेशर से चल रहा है। जिससे गर्मी में टैंकराें से भी जलापूर्ति करने में किसी तरह की समस्या नहीं हाे रही है। इसके अलावा न्यायालय, एमपीईबी, कैंटबाेर्ड कार्यालय में भी लगे जलस्रोत का वाटर लेवल इस मिनी झील के भरने से बढ़ गया है।

और... हैदराबादी बस्ती में भी बना चुका है कैंटबाेर्ड झील
इससे पहले कैंटबाेर्ड हैदराबादी बस्ती के समीप धाेबी घाट में भी बारिश का पानी सहेजकर झील का निर्माण कर चुका है। इस झील का निर्माण हाेने से हैदराबादी बस्ती के साथ ही आसपास के इलाकें में गर्मी के दिनों में किसी तरह की जलसंकट की परेशानी नहीं हाेती है। इस झील का निर्माण कैंटबाेर्ड सेनेटरी सुपरिटेंडेंट मनीष अग्रवाल द्वारा करवाया गया था। जलसंवर्धन काे लेकर किए गए कार्य के लिए कैंटबाेर्ड काे रक्षामंत्री का अवॉर्ड भी मिल चुका है।

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