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आयोजन:हमें नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकाें को प्रशिक्षण देना होगा

महू2 महीने पहले
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  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षकाें की भूमिका विषय पर एक वर्षीय अकादमिक कार्यक्रम का शुभारंभ, प्राे. तिवारी ने कहा

हमारी शिक्षा प्रणाली काे शिक्षक उन्मुख देखने की आवश्यकता है। क्योंकि किसी भी शिक्षण प्रणाली के लिए शिक्षकाें की भूमिका अहम हाेती है। हमें नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकाें के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना हाेगी। जिससे नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्याें काे पूरा करने में मदद मिलेगी।

शिक्षकाें काे भी अपने स्वयं में सुधार करने का प्रयास करना हाेगा। भारतीय शिक्षा में परिवर्तन नई शिक्षा नीति के माध्यम से 34 साल बाद हाे रहा है। हम सब जानते है कि तकनीक में विगत वर्षाें में बहुत अंतर आया है। इसलिए भारतीय शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की मांग कई वर्षाें से बनी हुई थी। यह बात डाॅ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि व भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षकाें की भूमिका विषय पर एक वर्षीय अकादमिक कार्यक्रम के शुभारंभ पर ऑनलाइन संबाेधित करते हुए मुख्य अतिथि आरपी तिवारी कुलपति पंजाब केंद्रीय विवि ने कही।

अध्यक्षीय संबाेधन देते हुए ब्राउस कुलपति प्राे. आशा शुक्ला ने कहा कि डाॅ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय व भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा सामूहिक सहयोग से आयोजित किए जा रहे। इस एक वर्षीय कार्यक्रम के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 के संबंध में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की भूमिका पर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के वेबीनार द्वारा व्यापक चर्चा होगी।

जिसका निश्चित ही नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में अकादमिक महत्व होगा। इस शिक्षा निति के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयाें एवं अन्य शिक्षक संस्थानों को सामूहिक भूमिका निभाने की आवश्यकता है। ब्राउस अपने दायित्व बोध को सुनिश्चित करते हुये इस एक वर्षीय कार्यक्रम का आयेाजन कर रहा है।

बीज वक्तव्य के रूप में डाॅ. उमाशंकर पचैरी, राष्ट्रीय महामंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल ने कहा कि भारतीय शिक्षण मण्डल का उद्देश्य ही प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शिक्षा में उत्कृष्टता लाने के लिये कार्य करना है। हमारी शिक्षा प्रणाली भारतीय मूल्यों पर केन्द्रित हो जिसमें नीति, पाठयक्रम और पद्धति तीनों स्तर पर भारतीय मूल्यों को शामिल किया जाना चाहिए। जो कि इस नई शिक्षा नीति में ध्यान रखा गया है। इस कार्य में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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