कोरोना से लापरवाही / इंदौर में 24 घंटे में 10 नए केस सामने आए; उज्जैन की जिस पॉजिटिव महिला की मौत हुई, उसके परिवार के 5 लोग भी संक्रमित मिले

इंदौर में 4 मरीजाें के घर और इलाकाें काे सैनिटाइज किया जा रहा है। इंदौर में 4 मरीजाें के घर और इलाकाें काे सैनिटाइज किया जा रहा है।
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इंदौर में 4 मरीजाें के घर और इलाकाें काे सैनिटाइज किया जा रहा है।इंदौर में 4 मरीजाें के घर और इलाकाें काे सैनिटाइज किया जा रहा है।

  • महिला समेत 5 मरीज उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे, पांचों महिला के रिश्तेदार 
  • उज्जैन से इंदौर लाए एक अन्य कोरोना संदिग्ध ने दम तोड़ा, अब तक जांच ही नहीं हुई थी

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 04:43 PM IST

इंदौर. यहां मंगलवार रात कोरोनावायरस का एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं था, सिर्फ 24 घंटे के भीतर बुधवार को 10 मरीज सामने आने से हड़कंप मच गया। इनमें से उज्जैन की महिला की इलाज के दौरान एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। ये न सिर्फ इंदौर, बल्कि मध्य प्रदेश में भी कोरोना से पहली मौत है। दिन में महिला समेत 5 मरीज उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे, जो देर रात बढ़कर 10 हो गए। चौंकाने वाली बात ये है कि 5 नए मरीज उज्जैन की महिला के रिश्तेदार हैं। बुधवार शाम को ही कोरोना संदिग्ध 47 वर्षीय एक व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें शाम को ही इलाज के लिए उज्जैन से इंदौर लाया गया था। तब तक उनका सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आए मरीजों में शामिल 65 वर्षीय महिला उज्जैन की निवासी थी। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हाेंने दम तोड़ा। कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए 4 अन्य मरीज इंदौर के ही अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। इनमें 50 वर्षीय महिला, 48 वर्षीय पुरुष, 68 वर्षीय पुरुष और 65 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। ये मरीज शहर के 2 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। खास बात यह है कि इन पांचों मरीजों में से किसी की भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं है। यहां तक कि 2 मरीज ऐसे थे जो ज्यादा बाहर नहीं निकलते थे और न ही बीते 14 दिनों में किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। मरीजों में 2 पुरुष मित्र हैं। वे वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गए थे। हाल ही में लौटे हैं। उधर, उज्जैन की मृत महिला के बारे में पता चला है कि वे कुछ दिनों पहले बेगमबाग में सीएए के विरोध में चल रहे धरने में शामिल हुईं थीं। उनके बेटे ने इस बात की पुष्टि की है।

जनाजे में शामिल होने वाले रिश्तेदारों की तबीयत बिगड़ी

उज्जैन की जिस महिला की मौत हुई थी, उसके जनाजे में दो सगे भाई भी शरीक हुए थे। बुधवार सुबह इन दोनों की हालत खराब हुई तो कोई इन्हें मल्हारगंज स्थित लाल अस्पताल छोड़ गया। यहां से इन्हें गोकुलदास अस्पताल के सामने बने आईसोलेशन सेंटर एमआरटीबी भेजा तो दोनों वहां से भाग निकले और फिर लाल अस्पताल पहुंच गए। यहां बहुत देर तक कोने में बैठे रहे।

हेल्पलाइन पर फोन लगाते रहे, नहीं उठाया, रात तक अस्पताल में ही बैठे रहे 

अस्पताल प्रबंधन ने दोनों को फिर से एमआरटीबी भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की हेल्पलाइन पर फोन लगाए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। 108 के कॉल  सेंटर पर फोन लगाया तो उन्होंने इन्हें ले जाने से यह कहकर इनकार कर दिया कि एम्बुलेंस में कोरोना से बचाव के साधन नहीं हैं। अस्पताल के प्रभारी डॉ. इलियास के मुताबिक, दोनों संदिग्ध की हालत गंभीर है। उज्जैन की जिस महिला की मौत हुई, ये उनके रिश्तेदार हैं। एक की उम्र 45 तो दूसरा 40 के करीब है। दोनों ज्यादा जानकारी भी नहीं दे पा रहे। हालांकि अभी जांच नहीं हुई है, इसलिए कहना मुश्किल है कि ये कोरोना से ग्रसित हैं या नहीं।

इंदौर की स्थिति

अब तक कुल सैंपल 99
अब तक निगेटिव मिले 60
बुधवार को नए मामले 29
कितने पॉजिटिव मिले 10
कितने मरीजों की मौत 01
रिपोर्ट आना बाकी 29

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