• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • 10.68 Lakhs Found In The Cupboard Of The Bribery Saxena's Office, Where The Land Deal Was Kept

इंदौर में ऑफिस को बनाया भ्रष्टाचार का अड्‌डा:नगर निगम के रिश्वतखोर क्लर्क के ऑफिस की अलमारी में मिले 10.68 लाख रुपए, कहा- जमीन के सौदे के रखे थे

इंदौर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आरोपी विजय सक्सेना को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। - Dainik Bhaskar
आरोपी विजय सक्सेना को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

नगर निगम के जिस भ्रष्ट विजय सक्सेना को लोकायुक्त ने 25 हजार रु. की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उसके नए कारनामे सामने आ रहे हैं। लोकायुक्त पुलिस ने सक्सेना के ऑफिस की अलमारी खोली तो, उसमें 10.68 लाख रु. समेत कई दस्तावेज मिले। पूछने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। फिर कहा कि ‘मैंने जमीन का सौदा किया है, उसके रुपए हैं।' जब उससे पूछा गया कि जमीन कहां की है, तो वह जवाब नहीं दे पाया। लोकायुक्त पुलिस ने अलमारी से मिले रुपए जब्त कर लिए हैं।

खास बात यह है कि जैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने सक्सेना व महिला क्लर्क हिमानी वैद्य को पकड़ा वैसे ही निगम के कर्मचारियों ने लोकायुक्त तक उससे जुड़ी जानकारी पहुंचाना शुरू कर दिया। यह भी पता चला है कि उसने निगम में नौकरी के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। वह अकसर महिला क्लर्क व अन्य के माध्यम से रिश्वत लेकर रुपए ऑफिस की अलमारी में रखता है। इस पर टीम ने छानबीन की और रुपए जब्त किए। अब टीम उसके द्वारकापुरी स्थित घर पर भी जाने की तैयारी कर रही है। पता चला है कि वहां भी बिलों से संंबंधित कई सरकारी फाइलें हैं। इसके साथ ही उसके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी।

पद क्लर्क का और बताता था अधीक्षक
सक्सेना का रुतबा इतना था, वह खुद को जनकार्य विभाग का अधीक्षक बताता था। फरियादी धर्मेन्द्र चौबे को भी उसने जनकार्य अधीक्षक बताया था। वह रुपए नहीं देने वालों के लंबे समय तक बिल पेंडिंग रखता था। कई चक्कर लगवाता था।

रिश्वतखोरी में अधिकारियों की लिप्तता पर भी सवाल
जानकारी लगी है कि जनकार्य विभाग में सीधे तौर पर सक्सेना को बिल पास करने का अधिकार नहीं है। सक्सेना के ऊपर दो-तीन अधिकारी हैं, जिनके साइन करने के बाद ही बिल पास होकर अमाउंट रिलीज होता है। निगम में पदस्थ कर्मचारियों की मानें, तो अधिकांश पेमेंट में अधिकारियों का भी हिस्सा होता है। हर साल यहां करोड़ों के बिल पास होते हैं। करीब दो साल से कोरोना सहित अन्य कारणों के चलते अभी बड़े-बड़े बिल पेंडिंग हैं।

इंदौर में भ्रष्ट अफसर और महिला क्लर्क गिरफ्तार:पार्क बनाने के लिए साढ़े 9 लाख रुपए के बिल पर 3% मांगी थी रिश्वत, नगर निगम में 25 हजार रुपए लेते लोकायुक्त ने पकड़ा

खबरें और भी हैं...